जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के जवानों ने सांबा जिले के सीमावर्ती इलाके से एक संदिग्ध युवक को अपनी हिरासत में लिया है। इस व्यक्ति के मोबाइल फोन की जांच के दौरान चौदह ऐसे मोबाइल नंबर मिले हैं जो पाकिस्तान के कंट्री कोड से ताल्लुक रखते हैं। इन विदेशी नंबरों के मिलने के बाद देश की सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है, और अब बीएसएफ के साथ-साथ आईबी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम उससे लगातार पूछताछ कर रही है।
घटना के समय बीएसएफ की पेट्रोलिंग टीम सांबा सेक्टर के पास भारत-पाकिस्तान सीमा पर अपनी नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान सुरक्षाकर्मियों की नजर एक ऐसे व्यक्ति पर पड़ी जो छिपने की कोशिश कर रहा था। जवानों ने उसे ललकारते हुए तुरंत बाहर आकर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। चेतावनी मिलते ही वह शख्स घुटनों के बल बैठ गया और उसने बिना किसी विरोध के सरेंडर कर दिया। हालांकि उसकी शारीरिक तलाशी लेने पर कोई आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई, लेकिन जब जवानों ने उसके मोबाइल फोन की तकनीकी जांच की तो उसमें कुछ ऐसा मिल गया जिससे सुरक्षाकर्मियों की मुश्किलें बढ़ गईं।
जांच के दौरान सुरक्षाबलों को पता चला कि पकड़े गए युवक के मोबाइल में कुल चौदह संपर्क नंबर ऐसे दर्ज हैं जिनका संबंध सीधे तौर पर पाकिस्तान से है। ये सभी मोबाइल नंबर प्लस बानवे कंट्री कोड से शुरू होते हैं, जो पाकिस्तान का संकेत देते हैं। इन नंबरों के सामने आते ही जवानों ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया। शुरुआती छानबीन के बाद इस संदिग्ध की पहचान शेर खान के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि वह इन दिनों जम्मू के गुम्मट इलाके में रह रहा था। फोन में इतनी बड़ी संख्या में सीमा पार के नंबर मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है।
प्रारंभिक पूछताछ की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बीएसएफ ने शेर खान को रामगढ़ पुलिस थाने के सुपुर्द कर दिया है। वर्तमान में रामगढ़ पुलिस और खुफिया विभागों की संयुक्त टीम उससे मैराथन पूछताछ करने में जुटी हुई है। संयुक्त टीम इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि उसके फोन में दर्ज पाकिस्तानी नंबर आखिर किसके हैं और वे उसके मोबाइल में क्यों सेव किए गए थे। सीमा पार बैठे लोगों के साथ उसके किस तरह के संबंध हैं, इसकी भी जांच की जा रही है। अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि क्या वह किसी जासूसी सिंडिकेट का हिस्सा है या किसी खतरनाक साजिश के तहत अंतरराष्ट्रीय सीमा तक पहुंचा था। इसके अलावा जम्मू के गुम्मट क्षेत्र में उसके रहने के वास्तविक कारणों का भी पता लगाया जा रहा है, और पुलिस सभी कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखकर अपनी कार्रवाई आगे बढ़ा रही है।

















