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विंध्यवासिनी धाम जाने वाले भक्तों को मिलेगी राहत, ओझला पुल के पास बनेगा नया दो लेन पुलभारत
28 जुल॰ 2026, 7:16 am (2 घंटे पहले)· 2

विंध्यवासिनी धाम जाने वाले भक्तों को मिलेगी राहत, ओझला पुल के पास बनेगा नया दो लेन पुल

मिर्जापुर के ओझला पुल के बगल में 20 करोड़ रुपये की लागत से 500 मीटर लंबा नया दो लेन पुल बनाया जाएगा, जिससे मां विंध्यवासिनी धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को जाम से राहत मिलेगी।

मिर्जापुर के ओझला पुल पर हर दिन उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए अब उसके ठीक बगल में एक नया दो लेन पुल बनाया जाएगा। शास्त्री सेतु से मां विंध्यवासिनी धाम को जोड़ने वाले इस पुराने पुल के लिए लोक निर्माण विभाग ने नया प्रस्ताव तैयार कर उत्तर प्रदेश शासन को भेज दिया है, और अब बस मंजूरी का इंतजार बाकी है।

क्यों बनाया जा रहा है नया पुल

मिर्जापुर के ओझला इलाके में मौजूद यह पुल मां विंध्यवासिनी धाम पहुंचने का प्रमुख रास्ता है। रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसी पुल से होकर मंदिर तक पहुंचते हैं। जैसे ही दर्शन के लिए आने वाले भक्तों की संख्या बढ़ती है, यह सिंगल लेन पुल जाम की चपेट में आ जाता है। इसी समस्या को खत्म करने के मकसद से लोक निर्माण विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया और शासन के पास भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

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500 मीटर लंबा पुल, लागत 20 करोड़ रुपये

ऐतिहासिक ओझला पुल के ठीक बगल में जो नया पुल प्रस्तावित है, वह करीब 500 मीटर लंबा और दो लेन का होगा। इसे बनाने में लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रस्ताव पूरी तरह तैयार होकर लोक निर्माण विभाग से शासन तक पहुंच चुका है, यानी अब आगे का फैसला वहीं से आना है।

पूर्वांचल के भक्तों की सबसे बड़ी राहत

ओझला पुल से गुजरकर मां विंध्यवासिनी धाम पहुंचने वालों में सबसे ज्यादा संख्या पूर्वांचल के जिलों से आती है, जिनमें वाराणसी, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर और आजमगढ़ जैसे इलाके शामिल हैं। ज्यादातर श्रद्धालु प्रयागराज-वाराणसी मार्ग से चलकर औराई-मिर्जापुर मार्ग होते हुए धाम तक पहुंचते हैं और वहां दर्शन-पूजन करते हैं। इतने बड़े इलाके से आने वाली भीड़ के लिए एक सिंगल लेन पुल अक्सर छोटा पड़ जाता है।

नवरात्रि जैसे मौकों पर और बढ़ जाती है दिक्कत

आम दिनों के मुकाबले नवरात्रि और दूसरे खास मौकों पर पुल पर दबाव कई गुना बढ़ जाता है। पुल संकरा होने के कारण इन दिनों जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती थी, जिससे श्रद्धालुओं को घंटों फंसे रहना पड़ता था। इसी वजह से लोक निर्माण विभाग ने जाम से निजात दिलाने के लिए प्रस्ताव भेजा। नया पुल बनने के बाद मौजूदा सिंगल लेन पुल असल में दो लेन में तब्दील हो जाएगा, जिससे आवागमन आसान होगा और जाम की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी।

स्थानीय लोगों को भी है उम्मीद

इलाके के निवासी राजकुमार उपाध्याय ने कहा, "पुल के समानांतर दो लेन पुल बन जाने के बाद जाम की समस्या पूरी तरीके से खत्म हो जाएगी।" उनका कहना है कि इससे आवागमन आसान हो जाएगा और पूर्वांचल भर से आने वाले श्रद्धालुओं को खासा फायदा मिलेगा। उन्होंने सरकार की इस पहल को सराहनीय बताया। फिलहाल परियोजना को शासन से मंजूरी मिलने का इंतजार है, और उम्मीद जताई जा रही है कि यह जल्द मिल जाएगी, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।

सवाल-जवाब

ओझला पुल कहां है और यह किसे जोड़ता है?
यह उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित है और शास्त्री सेतु से मां विंध्यवासिनी धाम को जोड़ता है।
नया पुल कितना लंबा होगा और इसकी लागत कितनी है?
नया पुल करीब 500 मीटर लंबा दो लेन का होगा, जिसे बनाने में लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
नया पुल बनाने का प्रस्ताव किसने तैयार किया?
लोक निर्माण विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर उत्तर प्रदेश शासन को भेजा है।
पुल पर जाम की समस्या क्यों होती है?
मां विंध्यवासिनी धाम आने वाले श्रद्धालुओं की भारी संख्या और सिंगल लेन पुल के संकरा होने के कारण, खासकर नवरात्रि जैसे मौकों पर, जाम लग जाता है।
सबसे ज्यादा श्रद्धालु किन इलाकों से आते हैं?
पूर्वांचल के वाराणसी, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर और आजमगढ़ सहित अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
निर्माण कार्य कब शुरू होगा?
उत्तर प्रदेश शासन से परियोजना को मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जिसकी उम्मीद जल्द जताई जा रही है।
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