भारत 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस बड़े उत्साह और राष्ट्रीय गर्व के साथ मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मातृभूमि की रक्षा और स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के साहस और समर्पण को नमन किया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि हमारे वीरों के सपने ही आज 140 करोड़ देशवासियों को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एकजुट होकर काम करने की निरंतर प्रेरणा देते हैं।
20260815013838लाल किले पर मुख्य समारोह और राष्ट्रीय ध्वजारोहण
ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर पर आयोजित मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरंगा फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर सेनानियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। देश भर में सरकारी भवनों, शैक्षणिक संस्थानों और रणनीतिक स्थलों पर ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें देश की विकास यात्रा और संवैधानिक मूल्यों को रेखांकित किया गया।
विकसित भारत का संकल्प और स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में इस बात पर जोर दिया कि औपनिवेशिक शासन को समाप्त करने वाले हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का अटूट संकल्प देश के वर्तमान और भावी प्रयासों की नींव है। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश की युवा शक्ति, विज्ञान, अनुसंधान, खेल और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। देशवासियों से अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया गया।
देश-विदेश से मिलीं शुभकामनाएं और राज्यस्तरीय आयोजन
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या और मुख्य दिवस पर देश के राज्यों से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बधाई संदेश प्राप्त हुए। नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव और विभिन्न केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों ने जनता के नाम अपने संदेश जारी किए। इसके साथ ही अमेरिका और फ्रांस सहित कई वैश्विक नेताओं और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर अपनी शुभकामनाएं भेजीं और दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर नागरिकों ने प्रधानमंत्री के संदेश का व्यापक स्वागत किया और 'हर घर तिरंगा' अभियान के प्रति अपना उत्साह जताया। कई लोगों ने देश की युवा शक्ति और तकनीकी प्रगति को भारत का मुख्य शिल्पकार बताया, जबकि कुछ उपयोगकर्ताओं ने संसद के पुराने नियमों में समयबद्ध सुधार करने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी बनाने का सुझाव दिया।


























