भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देशवासियों को बधाई देते हुए इसे राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रसेवा के महाउत्सव के रूप में मनाने की अपील की है। रक्षा मंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक राष्ट्रीय गीत नहीं है, बल्कि यह भारत की राष्ट्रचेतना और मातृभूमि के प्रति अनन्य समर्पण की अभिव्यक्ति है। इस वर्ष 150वीं वर्षगांठ का यह अवसर पूरे देश के लिए अत्यंत गर्व और सम्मान का विषय है।
150 वर्षों का गौरवशाली सफर और लाल किले से गूंज
राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में वर्ष भर चलने वाले विशेष स्मरणोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस एक दिवसीय और वर्षभर चलने वाले आयोजनों की शुरुआत की थी तथा लोक सभा में इस ऐतिहासिक गीत पर विशेष चर्चा का नेतृत्व किया था। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार लाल किले से वंदे मातरम् की गूंज विशेष रूप से सुनाई देगी। गृह मंत्री अमित शाह ने संदेश दिया है कि वंदे मातरम् मात्र एक गीत नहीं, बल्कि भारत के पुनर्निर्माण का मूल मंत्र है। इसके अलावा मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि इस गीत की प्रासंगिकता समय के साथ कभी कम नहीं होगी। भारत की सनातन परंपरा और राष्ट्रभक्ति की मिसाल बना यह गीत महान गायिका लता मंगेशकर की आवाज में भी अमर रहा है।
संसदीय चर्चा, नया विधेयक और सुप्रीम कोर्ट का निर्णय
संसद में राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण से संबंधित प्रावधानों और वंदे मातरम् विधेयक पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। राज्य सभा में इस विधेयक के पारित होने पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक बताया। दूसरी ओर, केरल में इस गीत के गायन को लेकर राजनीतिक बहस भी सामने आई, जहां एक कांग्रेस सांसद ने विरोध दर्ज कराया। इसी बीच, राष्ट्रीय गीत के गायन के संदर्भ में दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने अपना रुख स्पष्ट किया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि वंदे मातरम् का गायन अनिवार्य नहीं है और इसे किसी नागरिक पर जबरन लागू नहीं किया जा सकता।
मातृभूमि के प्रति समर्पण और राष्ट्रसेवा का संदेश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देशवासियों से आह्वान किया कि 150 वर्षों का यह पड़ाव प्रत्येक नागरिक को देश की संप्रभुता और सेवा के प्रति संकल्पबद्ध होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् की अमर धुन ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों में ऊर्जा का संचार किया था। आज भी यह गीत राष्ट्र के पुनर्निर्माण और एकता की भावना को मजबूती प्रदान करता है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर नागरिकों ने रक्षा मंत्री के इस संदेश पर विविध प्रतिक्रियाएं दीं। जहां अनेक लोगों ने राष्ट्रीय गीत के प्रति गहरी निष्ठा व्यक्त करते हुए 150वीं वर्षगांठ के आयोजन का स्वागत किया, वहीं कुछ यूज़र्स ने इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता, एक्सप्रेसवे निर्माण और सीमा सुरक्षा जैसे विषयों पर सरकार से सवाल भी पूछे।


























