किचन के गंदे बर्तन स्टैंड को चमकाने के लिए अपनाएं बेकिंग सोडा वाला यह आसान नुस्खादिल्ली और कानपुर के बीच चलेंगी दो नई स्पेशल ट्रेनें, अलीगढ़ और इटावा से होकर गुजरेगी गाड़ियांभरतपुर में खत्म हुई चने की खेती की पुरानी चमक, दाल मिलों पर भी मंडराया संकटराशिफल 31 अगस्त: कल इन 5 राशियों को होगा बंपर फायदा, जानिए क्या कहते हैं आपके तारेएटा में बुखार के इलाज के दौरान बड़ा हादसा, झोलाछाप का इंजेक्शन लगते ही युवक की मौतसमांथा प्रभु का पांच महीनों में ग्यारह किलो बढ़ा वजन, जानिए गर्भावस्था में कितना वजन बढ़ना होता है सामान्यजेईई रैंक का जुनून: क्या चालीस की उम्र में भी मायने रखती है किशोरावस्था की परीक्षा?सुबह खाली पेट शहद के साथ लहसुन खाने से दूर होती हैं कई गंभीर बीमारियांअसम के तिंगखोंग में महीनों के आतंक के बाद मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद, ग्रामीणों को मिली राहतबाथरूम में ट्रिमर चार्ज करना पड़ सकता है भारी, जानिए क्यों है यह खतरनाक
आजादी की लड़ाई किसी एक व्यक्ति या दल की बपौती नहीं, योगी आदित्यनाथ ने कही बड़ी बातनेता जी
30 अग॰ 2026, 2:54 pm (1 घंटे पहले)· 2

आजादी की लड़ाई किसी एक व्यक्ति या दल की बपौती नहीं, योगी आदित्यनाथ ने कही बड़ी बात

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम का श्रेय किसी एक व्यक्ति या दल को नहीं दिया जा सकता। इस बयान के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के योगदान और स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास को लेकर बहस तेज हो गई है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से देश के स्वतंत्रता संग्राम को लेकर एक अहम बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की आजादी की लंबी लड़ाई का पूरा श्रेय किसी एक व्यक्ति या किसी एक राजनीतिक दल को नहीं दिया जा सकता है। यह महायज्ञ अनगिनत देशप्रेमियों के त्याग और बलिदान का परिणाम था, जिसमें समाज के हर वर्ग ने अपनी आहुति दी थी।

स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका

देश के स्वतंत्रता आंदोलन में विभिन्न संगठनों और विचारधाराओं के योगदान पर समय-समय पर चर्चा होती रही है। इस संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने भी स्पष्ट किया है कि भारत की आजादी का श्रेय किसी एक विशेष संगठन को नहीं दिया जा सकता है। संघ प्रमुख का मानना है कि इस महान राष्ट्र की स्वतंत्रता सामूहिक प्रयासों और राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन का प्रतिफल है।

इतिहास के पन्नों से जुड़ा नजरिया

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अनगिनत सेनानियों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। इस सामूहिक संघर्ष को किसी एक राजनीतिक दल या सीमित दायरे में बांधना ऐतिहासिक सच्चाइयों के विपरीत माना जाता है। देश के नेताओं और विचारकों का मानना है कि आजादी की यह सुबह किसी एक के प्रयासों का नतीजा नहीं, बल्कि संपूर्ण राष्ट्र की साझा तपस्या का परिणाम थी।

जनता की प्रतिक्रिया

इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तरफ से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। जहां कई यूजर्स ने इस विचार का समर्थन करते हुए इसे ऐतिहासिक यथार्थ बताया, वहीं कुछ हलकों में इस पर विभिन्न राजनीतिक और वैचारिक बहस भी छिड़ गई है।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?
योगी आदित्यनाथ ने पोस्ट कर कहा कि भारत की आजादी के आंदोलन का श्रेय कोई एक व्यक्ति या एक पार्टी नहीं ले सकती।
मोहन भागवत ने स्वतंत्रता संग्राम के बारे में क्या बयान दिया है?
मोहन भागवत ने कहा है कि देश की आजादी का श्रेय किसी भी संगठन विशेष को नहीं दिया जा सकता।
इस बयान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस बयान के जरिए स्वतंत्रता संग्राम में सामूहिक योगदान और सभी देशप्रेमियों की भूमिका को रेखांकित किया गया है।
आम जनता की इस पर कैसी प्रतिक्रिया रही?
सोशल मीडिया पर लोगों की तरफ से इस विषय पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं और चर्चाएं देखने को मिली हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR