केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच X पर एक विशेष संदेश साझा करते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के स्थापना दिवस के अवसर पर सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने विश्व के इस सबसे बड़े छात्र संगठन द्वारा राष्ट्र निर्माण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों और युवाओं को संगठित करने की उनकी भूमिका को रेखांकित किया है।
स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरणा
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद स्वामी विवेकानंद जी के बताए गए उच्च आदर्शों के मार्ग पर चलते हुए आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संगठन का काम केवल छात्रों को जोड़ना नहीं, बल्कि उनमें राष्ट्रभक्ति के संस्कारों को सींचने का एक पुनीत कार्य भी है। यह संगठन पिछले 78 वर्षों से छात्रशक्ति को राष्ट्रशक्ति में बदलने के लक्ष्य के साथ काम कर रहा है।
छात्रशक्ति का राष्ट्र निर्माण में योगदान
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का इतिहास संघर्षों और उपलब्धियों से भरा रहा है। 1949 में अपनी स्थापना के बाद से ही, यह संगठन देश भर के विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में सक्रिय रहा है। भाजपा के कई शीर्ष नेतृत्वकर्ता और मुख्यमंत्री स्वयं अपने छात्र जीवन में इस संगठन के साथ जुड़े रहे हैं, जो इसकी संगठनात्मक मजबूती का प्रमाण है। संगठन समय-समय पर छात्र हितों के साथ-साथ राष्ट्रीय मुद्दों पर भी मुखर रहा है, चाहे वह आपातकाल का दौर रहा हो या शिक्षा नीति से जुड़े नीतिगत बदलाव।
संगठन की व्यापकता
वर्तमान में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का दावा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा छात्र संगठन है, जिसके पास 55 लाख से अधिक सदस्य होने का रिकॉर्ड है। यह 'ज्ञान, शील और एकता' के मंत्र को अपना आधार मानता है। विद्यार्थी दिवस और स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में देश भर में विभिन्न कार्यक्रमों, संगोष्ठियों और खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है, ताकि युवाओं में नेतृत्व क्षमता और देशभक्ति का भाव जागृत किया जा सके।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के बाद लोगों ने मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं, जहाँ कई लोगों ने संगठन के अनुशासित काम की सराहना की है, तो वहीं कुछ उपयोगकर्ताओं ने बेरोजगारी और शिक्षा प्रणाली से जुड़ी चुनौतियों पर भी चर्चा करने का आग्रह किया है।



















