रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक संदेश साझा करते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) को उनके 78वें स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं दीं। राजनाथ सिंह ने संगठन के लंबे सफर और विद्यार्थियों को राष्ट्र सेवा व नेतृत्व के प्रति जागरूक करने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि दशकों से यह संगठन छात्रों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भर रहा है और उन्हें राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय रूप से जोड़ रहा है।
राष्ट्र निर्माण में छात्रशक्ति का योगदान
9 जुलाई को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के स्थापना दिवस के अवसर पर देश भर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस वर्ष संगठन अपनी स्थापना की 78वीं वर्षगांठ मना रहा है। कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने दीप जलाकर और संदेश यात्राएं निकालकर इस दिन को 'राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस' के रूप में मनाया। छात्रशक्ति से राष्ट्रशक्ति की यात्रा के रूप में इस गौरवगाथा को याद किया गया। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के विश्वनाथ मंदिर परिसर में 3100 दीप जलाकर एक भव्य दीपोत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया।
सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियां
देश भर में एबीवीपी की विभिन्न इकाइयों ने अलग-अलग प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए। मऊ के गर्ल्स इंटर कॉलेज में 'ऋतुमति अभियान' के तहत छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। महोबा जैसे शहरों में भी दीपोत्सव और प्रतिभा खोज प्रतियोगिताओं का संचालन हुआ। संगठन का मूल मंत्र 'राष्ट्र प्रथम' रहा है, जो छात्रों को अपनी पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों पर भी जागरूक रहने के लिए प्रेरित करता है। वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने भी संगठन के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए उन्हें स्थापना दिवस की बधाई दी है।
उत्तर के बारे में
'उत्तर' शब्द के संदर्भ में देखें तो यह एक बहुअर्थी शब्द है जिसका प्रयोग हिंदी भाषा में कई स्थितियों में किया जाता है। मुख्य रूप से यह दिशाओं में से एक (उत्तर दिशा) को दर्शाता है। इसके अलावा, महाभारत काल में भी 'उत्तर' नाम का उल्लेख मिलता है, और यह भारतीय मनोरंजन जगत में एक अभिनेता के नाम के तौर पर भी जाना जाता है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के बाद लोगों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। जहां समर्थकों ने एबीवीपी के पुराने दिनों को याद किया और राष्ट्रवाद के प्रति प्रतिबद्धता जताई, वहीं कुछ नागरिकों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों के प्रति अपनी चिंताओं को रखते हुए रक्षा मंत्री से मदद की गुहार भी लगाई है।



















