गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट लिखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अमित शाह ने अपनी पोस्ट में डॉ. मुखर्जी को देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का प्रखर पुरोधा बताते हुए लिखा कि वे इस खास मौके पर उनका स्मरण कर उन्हें नमन करते हैं।
अमित शाह ने पोस्ट में क्या लिखा
अमित शाह ने लिखा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र प्रथम के आदर्श को अपने पूरे जीवन का ध्येय बनाया था। उन्होंने आगे लिखा कि बंगाल के विभाजन के समय डॉ. मुखर्जी की भूमिका बेहद अहम रही। अमित शाह की यह पोस्ट डॉ. मुखर्जी को उनकी जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने के मकसद से लिखी गई थी, जिसमें उन्होंने भारतीय जनसंघ के संस्थापक के तौर पर मुखर्जी के योगदान को खास तौर पर रेखांकित किया।
कौन थे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भारतीय जनसंघ की स्थापना करने वाले नेता के रूप में जाना जाता है, जो आगे चलकर आज की भारतीय जनता पार्टी की वैचारिक बुनियाद बना। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में देश की एकता और अखंडता को सबसे ऊपर रखा। उन्होंने ही वह नारा दिया था कि एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चल सकते, जो जम्मू कश्मीर को लेकर उनकी विचारधारा का केंद्रीय बिंदु था। यही सोच आगे चलकर देश में जम्मू कश्मीर के पूर्ण एकीकरण की मांग की बुनियाद बनी।
हर साल दो मौकों पर होता है स्मरण
डॉ. मुखर्जी को हर साल दो अलग अलग मौकों पर याद किया जाता है, एक उनकी जयंती पर और दूसरा 23 जून को उनके बलिदान दिवस पर। खबरों के मुताबिक, हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने बलिदान दिवस पर डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी थी। मिर्जापुर, देवरिया, गाजीपुर और नोएडा जैसे शहरों में भी उनकी जयंती और बलिदान दिवस से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें नेताओं ने डॉ. मुखर्जी के विचारों को राष्ट्र निर्माण की अमूल्य धरोहर बताया। छत्तीसगढ़ में उप मुख्यमंत्री अरुण साव की पहल पर सभी संभागीय और जिला मुख्यालय वाले नगरीय निकायों में डॉ. मुखर्जी की प्रतिमाएं लगाने का फैसला भी लिया गया है।
राष्ट्र निर्माण में योगदान पर पीएम मोदी का बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए कहा था कि राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी अलग अलग मौकों पर कहा कि डॉ. मुखर्जी के विचार आज भी राष्ट्र निर्माण की दिशा तय करने वाली अमूल्य धरोहर हैं और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।
जनता की प्रतिक्रिया
अमित शाह की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिक्रिया दी और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। ज्यादातर लोगों ने उनके अखंड भारत और एक संविधान के विचार की सराहना की, जबकि कुछ उपयोगकर्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के सपनों को पूरी तरह साकार करने की उम्मीद जताते हुए सरकार से आगे और कदम उठाने की अपेक्षा जताई।



















