अखिलेश यादव का X पर तीखा तंज: 'प्रदेश में IIT नहीं, बन रही है SIT'नेता जी
2 दिन पहले· 1

अखिलेश यादव का X पर तीखा तंज: 'प्रदेश में IIT नहीं, बन रही है SIT'

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच X पर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में IIT जैसी संस्थाएं बननी चाहिए, मगर बन रही है SIT।

अखिलेश यादव का सोशल मीडिया वार

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए सत्तारूढ़ सरकार को घेरा है। उन्होंने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X पर अपने आधिकारिक हैंडल (@yadavakhilesh) से एक संक्षिप्त लेकिन तीखी पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने प्रदेश की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए।

क्या लिखा अखिलेश ने

अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव ने भाजपा के कार्यकाल को 'भ्रष्ट-शासनकाल' बताते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने शब्दों के खेल के जरिए अपनी बात रखी और कहा कि प्रदेश में जहां 'IIT' जैसी शैक्षणिक और तकनीकी संस्थाएं खड़ी होनी चाहिए, वहां 'SIT' बनाई जा रही है।

दो अक्षरों का अंतर, बड़ा संदेश

अखिलेश यादव ने 'IIT' और 'SIT' के बीच के फर्क को अपने राजनीतिक हमले का हथियार बनाया। उनका इशारा साफ था — उनके मुताबिक सरकार का ध्यान शिक्षा और विकास की बुनियादी संस्थाएं तैयार करने के बजाय जांच-पड़ताल करने वाली टीमों के गठन पर केंद्रित है। इस छोटी सी पोस्ट के जरिए उन्होंने प्रदेश के प्रशासनिक रवैये और प्राथमिकताओं पर सीधा कटाक्ष किया।

जनता की प्रतिक्रिया

अखिलेश यादव की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। जहां कुछ यूजर्स ने उनके इस तंज का समर्थन करते हुए सरकार पर सवाल उठाए, वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने उनके पुराने कार्यकाल की याद दिलाते हुए उन पर पलटवार किया और उनकी ही पार्टी के शासन पर तीखे सवाल खड़े किए।

सवाल-जवाब

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट कहां की?
उन्होंने यह पोस्ट सोशल मीडिया मंच X पर अपने आधिकारिक हैंडल @yadavakhilesh से की।
उन्होंने 'IIT' और 'SIT' को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि प्रदेश में IIT बननी चाहिए, पर बन रही है SIT, और भाजपा के शासनकाल को भ्रष्ट व दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
इस पोस्ट का मकसद क्या था?
इसके जरिए अखिलेश यादव ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए राजनीतिक कटाक्ष किया।
पोस्ट पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?
प्रतिक्रिया मिली-जुली रही — कुछ ने समर्थन किया तो कई लोगों ने उनके पुराने कार्यकाल की याद दिलाते हुए पलटवार किया।
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