अमेरिका में डाक मतदान से जुड़े नियमों को लेकर कानूनी बहस तेज हो गई है। हाल ही में एक अमेरिकी संघीय अपील अदालत ने डाक के जरिए होने वाली वोटिंग पर लगी पाबंदियों को हटाने से जुड़ी याचिका खारिज कर दी। इस अदालती फैसले की जानकारी डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रूथ सोशल पर साझा की है।
डाक मतदान नियमों पर अदालत का रुख
जुलाई 2026 के अंत में आए अदालती फैसलों में 23 राज्यों में डाक मतदान की प्रक्रियाओं को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई हुई। अदालत ने उन प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया जिनमें अमेरिकी पोस्टल सर्विस को डाक मतपत्रों की जांच करने का जिम्मा सौंपने की मांग की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन मामला
आगामी मध्यावधि चुनावों से पहले डाक मतदान नियमों में बड़े बदलावों को लागू करने की कोशिशों को अदालत ने फिलहाल रोक दिया है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले तक कुछ पाबंदियों को अस्थायी रूप से बनाए रखने की अनुमति दी गई है।
ट्रूथ सोशल पर डोनाल्ड ट्रंप का संदेश
अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से संदेश साझा करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने इस अदालती फैसले को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने लिखा, "संघीय अपील अदालत ने ट्रंप के डाक मतदान प्रतिबंधों को रोकने की याचिका खारिज की।" यह घटनाक्रम देश में मतदान सुरक्षा और चुनावी नियमों पर चल रही खींचतान को दर्शाता है।


























