समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तीखा बयान साझा करते हुए भारतीय जनता पार्टी सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने अपने पोस्ट के माध्यम से यह जानना चाहा है कि क्या अब सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मिलने वाले भोजन को लेकर कोई नया नियम लागू किया जा रहा है।
मिड-डे मील और वोटर आईडी को लेकर तंज
अखिलेश यादव ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब तक बच्चे वयस्क नहीं हो जाते, तब तक उनके पास मतदाता पहचान पत्र यानी एपिक नंबर नहीं हो सकता। ऐसे में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि क्या वोटर कार्ड या पहचान पत्र की अनिवार्यता के कारण बच्चों को मिलने वाले मिड-डे मील जैसी बुनियादी सुविधाओं पर असर पड़ेगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस प्रकार की योजनाएं सीधे तौर पर जरूरतमंदों और लाभार्थियों से जुड़ी होती हैं।
उत्तर प्रदेश के बारे में
उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य है और क्षेत्रफल के लिहाज से यह देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य माना जाता है। लखनऊ इस प्रदेश की प्रशासनिक और विधायी राजधानी है, जबकि प्रयागराज इसकी न्यायिक राजधानी के रूप में जानी जाती है। इसके अलावा आगरा, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर राज्य के अन्य प्रमुख एवं महत्वपूर्ण शहर हैं। भौगोलिक दृष्टि से इसके उत्तर में उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश, पश्चिम में हरियाणा, दिल्ली तथा राजस्थान, दक्षिण में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तथा पूर्व में बिहार एवं झारखंड राज्य स्थित हैं, जबकि उत्तर दिशा में नेपाल देश की सीमा लगती है।
जनता की प्रतिक्रिया
इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की ओर से मिलीजुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। जहां कई लोगों ने इस उठाए गए मुद्दे को जनता के अधिकारों से जुड़ा हुआ बताया, वहीं कुछ अन्य लोगों ने इसे लेकर राजनीतिक बहस को आगे बढ़ाया।



























