उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धनतेरस और दीपावली के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। इस शुभ अवसर पर उन्होंने एक संदेश जारी कर राज्य के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी उत्सव की खुशियों में स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों को जरूर शामिल करें। उन्होंने कहा कि इन मेहनतकश कलाकारों की साधना और कला सदियों से हमारी सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और आगे बढ़ाने का काम कर रही है।
स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों को समर्थन
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में विशेष रूप से भदोही के विश्वप्रसिद्ध कालीनों का जिक्र करते हुए प्रदेश की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उनका कहना था कि जब लोग त्योहारों के दौरान स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाली वस्तुओं को खरीदते हैं, तो इससे इन हुनरमंद लोगों के घरों में भी दीपावली का उल्लास सही मायनों में पहुंचता है। राज्य सरकार लगातार ओडीओपी यानी एक जिला एक उत्पाद योजना के माध्यम से पारंपरिक उद्योगों और कारीगरों को आर्थिक रूप से मजबूत करने का प्रयास कर रही है ताकि उनकी आजीविका सुरक्षित हो सके।
धनतेरस और त्योहारों का सांस्कृतिक महत्व
धनतेरस का यह पर्व देश और प्रदेश में सुख, समृद्धि और आरोग्य की कामना के साथ मनाया जाता है। इस दिन पारंपरिक रूप से बर्तनों, आभूषणों और अन्य जरूरी सामानों की खरीदारी की जाती है। इस बार प्रशासन और शासन दोनों स्तरों पर यह प्रयास किया जा रहा है कि लोग बड़े ब्रांड्स के बजाय स्थानीय बाजारों के छोटे दुकानदारों, बुनकरों और दस्तकारों से खरीदारी करें। इससे बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ता है और जमीनी स्तर पर अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
जनता की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री के इस आह्वान पर सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं और आम जनता ने बढ़-चढ़कर अपनी प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने वोकल फॉर लोकल के इस संदेश की सराहना करते हुए इसे स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद फायदेमंद बताया, तो वहीं कुछ नागरिकों ने त्योहार के दौरान बिजली आपूर्ति और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर अपने सुझाव और उम्मीदें भी साझा कीं।


























