मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं के साथ हुए दर्दनाक सड़क हादसे पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गहरा शोक व्यक्त किया है। बेकाबू ट्रक की चपेट में आने से कई श्रद्धालुओं की जान चली गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस भीषण घटना की जानकारी मिलते ही रक्षा मंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की।
राजनाथ सिंह ने जताया दुख
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच पर इस हादसे को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताया। उन्होंने कहा कि ग्वालियर में हुए इस भीषण हादसे में कई लोगों की मृत्यु का समाचार बेहद कष्टदायक है। इस दुर्घटना में अपने आत्मीय जन खोने वाले सभी परिवारों के प्रति उन्होंने अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। साथ ही, उन्होंने हादसे में घायल हुए श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना भी की।
ग्वालियर हादसे का घटनाक्रम
ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं के पैदल जत्थे को एक अनियंत्रित ट्रक ने कुचल दिया और बाद में मंदिर की दीवार से टकरा गया। इस भीषण दुर्घटना में 13 से 15 श्रद्धालुओं की मृत्यु की खबर सामने आई है, जबकि 28 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए मुआवजे का ऐलान किया है, जिसमें मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये और घायलों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। वहीं स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस मार्ग पर दोपहिया वाहनों की भी अनुमति नहीं थी, वहां एक भारी ट्रक कैसे प्रवेश कर गया।
मध्य प्रदेश के बारे में
मध्य प्रदेश भारत का एक महत्वपूर्ण राज्य है, जिसकी आधिकारिक राजधानी भोपाल है। 1 नवंबर 2000 तक यह क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से देश का सबसे बड़ा राज्य हुआ करता था, जिसके बाद 16 जिलों को अलग करके नए राज्य छत्तीसगढ़ का गठन किया गया था। भौगोलिक दृष्टि से मध्य प्रदेश की सीमाएं भारत के पांच राज्यों से मिलती हैं, जिनमें उत्तर में उत्तर प्रदेश, पूर्व में छत्तीसगढ़, दक्षिण में महाराष्ट्र, पश्चिम में गुजरात और उत्तर-पश्चिम में राजस्थान शामिल हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
इस दुखद खबर के सामने आने के बाद आम लोगों ने सोशल मीडिया पर हादसे पर गहरा शोक जताया और पीड़ित परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की। कई नागरिकों ने धार्मिक स्थलों एवं भीड़भाड़ वाले संवेदनशील क्षेत्रों में भारी वाहनों के प्रवेश को रोकने और यातायात सुरक्षा नियमों को कड़ाई से लागू करने की मांग की ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।



























