नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के नए फंडरेज़िंग अभियान की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम में उपस्थित सभा को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने उच्च शिक्षण संस्थानों की दीर्घकालिक भूमिका और समाज के प्रति उनके योगदान पर अपने विचार रखे।
संस्थान के उद्देश्य और योगदान पर दिया जोर
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी महान संस्थान का वास्तविक ध्येय किसी भी व्यक्ति अथवा पीढ़ी से कहीं अधिक बड़ा होना चाहिए। उनके अनुसार, ज्ञान का निरंतर सृजन, उभरती हुई प्रतिभाओं का उचित संवर्धन और भविष्य के लिए नए अवसरों का निर्माण ही ऐसे प्रतिष्ठित परिसरों की वास्तविक पहचान होता है।
फंडरेज़िंग अभियान 'ग्रेटर दैन अस'
आईआईटी कानपुर द्वारा शुरू किए गए इस फंडरेज़िंग अभियान का नाम 'ग्रेटर दैन अस' रखा गया है। नई दिल्ली में आयोजित इस औपचारिक लॉन्च का मकसद संस्थान के विकास, अनुसंधान और बुनियादी ढांचे को गति देने के लिए आवश्यक संसाधन जुटाना है। इस कार्यक्रम में शिक्षा और तकनीक से जुड़े प्रमुख पक्षों ने भी शिरकत की।
जनता की प्रतिक्रिया
इस सार्वजनिक संबोधन के बाद सोशल मीडिया पर नागरिकों ने अपनी विविध राय साझा की। कई उपयोगकर्ताओं ने शासन और विभिन्न सामाजिक वर्गों के सरोकारों को लेकर सवाल उठाए, जबकि अन्य लोगों ने शैक्षणिक संस्थानों को मिलने वाले सहयोग की समीक्षा की।


























