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आईआईटी कानपुर के विशेष फंडरेज़िंग अभियान में शामिल हुए राजनाथ सिंह, नई दिल्ली में रखी संस्थान के उद्देश्य पर बातनेता जी
15 अक्तू॰ 2026, 7:06 am (2 घंटे पहले)· 0

आईआईटी कानपुर के विशेष फंडरेज़िंग अभियान में शामिल हुए राजनाथ सिंह, नई दिल्ली में रखी संस्थान के उद्देश्य पर बात

नई दिल्ली में आईआईटी कानपुर के 'ग्रेटर दैन अस' फंडरेज़िंग अभियान की शुरुआत के दौरान राजनाथ सिंह ने सभा को संबोधित किया और महान शिक्षण संस्थानों की भूमिका को रेखांकित किया।

नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के नए फंडरेज़िंग अभियान की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम में उपस्थित सभा को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने उच्च शिक्षण संस्थानों की दीर्घकालिक भूमिका और समाज के प्रति उनके योगदान पर अपने विचार रखे।

संस्थान के उद्देश्य और योगदान पर दिया जोर

राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी महान संस्थान का वास्तविक ध्येय किसी भी व्यक्ति अथवा पीढ़ी से कहीं अधिक बड़ा होना चाहिए। उनके अनुसार, ज्ञान का निरंतर सृजन, उभरती हुई प्रतिभाओं का उचित संवर्धन और भविष्य के लिए नए अवसरों का निर्माण ही ऐसे प्रतिष्ठित परिसरों की वास्तविक पहचान होता है।

फंडरेज़िंग अभियान 'ग्रेटर दैन अस'

आईआईटी कानपुर द्वारा शुरू किए गए इस फंडरेज़िंग अभियान का नाम 'ग्रेटर दैन अस' रखा गया है। नई दिल्ली में आयोजित इस औपचारिक लॉन्च का मकसद संस्थान के विकास, अनुसंधान और बुनियादी ढांचे को गति देने के लिए आवश्यक संसाधन जुटाना है। इस कार्यक्रम में शिक्षा और तकनीक से जुड़े प्रमुख पक्षों ने भी शिरकत की।

जनता की प्रतिक्रिया

इस सार्वजनिक संबोधन के बाद सोशल मीडिया पर नागरिकों ने अपनी विविध राय साझा की। कई उपयोगकर्ताओं ने शासन और विभिन्न सामाजिक वर्गों के सरोकारों को लेकर सवाल उठाए, जबकि अन्य लोगों ने शैक्षणिक संस्थानों को मिलने वाले सहयोग की समीक्षा की।

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सवाल-जवाब

राजनाथ सिंह ने किस कार्यक्रम में भाग लिया?
उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित आईआईटी कानपुर के 'ग्रेटर दैन अस' फंडरेज़िंग अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
आईआईटी कानपुर के नए फंडरेज़िंग अभियान का नाम क्या है?
इस अभियान का नाम 'ग्रेटर दैन अस' रखा गया है।
यह कार्यक्रम किस स्थान पर आयोजित किया गया था?
यह औपचारिक लॉन्च कार्यक्रम नई दिल्ली में आयोजित किया गया था।
राजनाथ सिंह ने महान संस्थानों के उद्देश्य के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि किसी महान संस्थान का उद्देश्य किसी भी व्यक्ति या पीढ़ी से बड़ा होना चाहिए, जो ज्ञान के निर्माण और प्रतिभा के संवर्धन पर केंद्रित हो।
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