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कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भगदड़, 17 श्रद्धालुओं की मौत और 25 घायलनेता जी
18 अक्तू॰ 2026, 6:15 am (44 मिनट पहले)· 0

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भगदड़, 17 श्रद्धालुओं की मौत और 25 घायल

कोलकाता के प्रसिद्ध चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भीड़ के दबाव और संरचनात्मक खराबी के कारण मची भगदड़ में 17 लोगों की जान चली गई तथा 25 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान चोरबागान स्थित एक भव्य पंडाल में अचानक भगदड़ मचने से 17 श्रद्धालुओं की दुखद मौत हो गई, जबकि कम से कम 25 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उत्सव की भारी भीड़ के बीच अचानक उत्पन्न हुई अव्यवस्था से चारों तरफ अफरा-तफरी फैल गई। कुछ खबरों में पंडाल की संरचना ढहने से हताहतों की संख्या 19 तक पहुंचने की बात भी कही गई है। इस हृदयविदारक घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और राहत दलों ने मिलकर घायलों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया, जहां उनका सघन उपचार जारी है।

हादसे के प्रमुख कारण और मौके की स्थिति

प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती सूचनाओं के अनुसार चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में प्रवेश तथा निकास का रास्ता काफी संकरा था। शाम के वक्त अचानक बड़ी संख्या में दर्शनार्थियों के पहुंचने से दबाव बेतहाशा बढ़ गया। इसी दौरान बिजली गुल होने या अंधेरा छाने के कारण लोगों में घबराहट फैल गई। बाहर निकलने की होड़ में लोगों का संतुलन बिगड़ा और वे एक-दूसरे पर गिरते चले गए। संकरे रास्ते और भारी भीड़ ने स्थिति को और अधिक बेकाबू बना दिया, जिससे लोगों को संभलने का कोई मौका नहीं मिल सका।

प्रशासनिक कदम और पूजा समिति का इस्तीफा

इस बड़े हादसे के तुरंत बाद राज्य प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया। मुख्यमंत्री शुभेंदु ने स्थिति का जायजा लेने के लिए खुद अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और पूरी घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। वहीं हादसे की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए चोरबागान दुर्गा पूजा कमेटी के सभी पदाधिकारियों ने अपने पदों से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के बीच राजनीतिक नेता कुणाल घोष ने भी स्थिति पर अपनी राय रखी और कहा कि कारणों पर बाद में बात होगी, अभी जान बचाना प्राथमिकता है।

राहुल गांधी और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच X पर इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए शोक व्यक्त किया। राहुल गांधी ने लिखा कि कोलकाता के चोरबागान पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की ख़बर बेहद दुखद है। उन्होंने जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए प्रशासन से त्वरित सहायता की अपील की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी घटना पर गहरा दुख जताया। केंद्र सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि की घोषणा की गई है।

कोलकाता शहर का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व

कोलकाता भारत के पश्चिम बंगाल राज्य की राजधानी होने के साथ-साथ देश के प्रमुख महानगरों में शामिल है। हुगली नदी के पूर्वी किनारे पर स्थित यह शहर बांग्लादेश की सीमा से लगभग 80 किलोमीटर और बंगाल की खाड़ी के शीर्ष तट से करीब 180 किलोमीटर की दूरी पर बसा हुआ है। देश का दूसरा सबसे बड़ा महानगर और पांचवां सबसे बड़ा बंदरगाह होने के नाते कोलकाता को 'महलों का शहर' तथा 'आनंद का शहर' भी कहा जाता है। यह महानगर ऐतिहासिक रूप से भारत के सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं शैक्षिक नवजागरण का प्रमुख केंद्र रहा है, जहां दुर्गा पूजा को सबसे बड़े सांस्कृतिक महापर्व के रूप में मनाया जाता है।

जनता की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर इस हृदयविदारक हादसे को लेकर नागरिकों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं। इसके साथ ही लोगों ने बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा उपायों में रही कमियों पर सवाल उठाते हुए पारदर्शी जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।

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सवाल-जवाब

कोलकाता के चोरबागान पंडाल में कितने लोगों की मौत हुई?
इस भगदड़ में 17 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कुछ शुरुआती रिपोर्टों में यह संख्या 19 तक बताई गई।
हादसे में कुल कितने लोग घायल हुए हैं?
कम से कम 25 श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिनका नजदीकी अस्पतालों में उपचार चल रहा है।
पीड़ित परिवारों के लिए क्या मुआवजा घोषित किया गया है?
केंद्र सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि की घोषणा की है।
हादसे के बाद पूजा समिति ने क्या कदम उठाया?
चोरबागान दुर्गा पूजा कमेटी के सभी पदाधिकारियों ने घटना की जिम्मेदारी लेते हुए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
राज्य प्रशासन और मुख्यमंत्री ने क्या निर्देश दिए हैं?
मुख्यमंत्री शुभेंदु ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और पूरे हादसे की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं।
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