समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट के ज़रिए भाजपा सरकार की ‘कोचिंग बंदी’ पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि सरकार सुरक्षा मानकों की आड़ लेकर जनता को परेशान कर रही है और इसके पीछे असली मकसद अपने भ्रष्टाचार को छिपाना है।
अपनी पोस्ट में उन्होंने साफ़ किया कि वे सुरक्षा के मुद्दे को हल्के में नहीं ले रहे। उन्होंने माना कि सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने सरकार की नीयत और टाइमिंग पर सवाल खड़े कर दिए।
10 साल की चुप्पी पर सवाल
अखिलेश यादव ने पूछा कि अगर सुरक्षा इतनी ही ज़रूरी थी तो क्या पिछले 10 साल से सरकार सो रही थी। उनका इशारा यह था कि इतने लंबे समय तक इस दिशा में कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया और अब अचानक सख़्ती क्यों दिखाई जा रही है।
एक दिन में स्टाफ़ कहाँ से आया
उन्होंने सरकार के अमले पर भी निशाना साधा। उनका सवाल था कि एक ही दिन में सरकार के पास इतना स्टाफ़ कहाँ से आ गया कि पूरे प्रदेश में एक साथ कार्रवाई शुरू कर दी गई। इस सवाल के ज़रिए उन्होंने पूरी प्रक्रिया की मंशा पर ही संदेह जताया।
जनता की प्रतिक्रिया
इस पोस्ट पर लोगों की राय बंटी हुई दिखी। कुछ लोगों ने अखिलेश यादव की बात से सहमति जताते हुए इसे सुरक्षा के नाम पर महज़ दिखावा बताया, तो कई लोगों ने सरकार का बचाव करते हुए इसे छात्रों की सुरक्षा की दिशा में ज़रूरी कदम कहा। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि कार्रवाई ऐसी हो जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता भी बनी रहे और छात्रों की पढ़ाई पर असर न पड़े।




















