उत्तर प्रदेश एक बार फिर देश के उद्योग जगत के सामने अपनी निवेश कहानी लेकर पहुंचा है। योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच X पर साझा किया कि कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग 2026 के तहत इंडस्ट्री लीडर्स का रोडशो आयोजित किया गया, जहां देश के बड़े कारोबारी चेहरों के साथ राज्य में निवेश की संभावनाओं पर बातचीत हुई।
यह आयोजन सिर्फ एक बैठक भर नहीं था, बल्कि उद्योग जगत के दिग्गजों को सीधे जोड़ने और उन्हें राज्य में कारोबार के मौके दिखाने की कोशिश थी। बेंगलुरु को इसके लिए चुनना अपने आप में एक संकेत है, क्योंकि यह शहर देश की तकनीकी और स्टार्टअप दुनिया का केंद्र माना जाता है।
रोडशो क्यों है अहम
निवेशक रोडशो का मकसद किसी एक राज्य की ताकत, उसकी नीतियों और वहां उपलब्ध अवसरों को बड़े उद्योगपतियों के सामने रखना होता है। बेंगलुरु जैसे शहर में, जहां टेक कंपनियों और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) का जमावड़ा है, ऐसा आयोजन उत्तर प्रदेश के लिए नए निवेश के दरवाजे खोल सकता है।
इस तरह के मंच पर राज्य अपनी औद्योगिक क्षमता, कुशल कामगारों की उपलब्धता और कारोबार के लिए बेहतर माहौल को सामने रखता है, ताकि कंपनियां वहां अपनी इकाइयां और दफ्तर खोलने पर विचार करें।
पृष्ठभूमि
खबरों के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ बेंगलुरु में आयोजित इस रोडशो के जरिए उत्तर प्रदेश को निवेश के बड़े केंद्र और खासकर ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के गढ़ के रूप में पेश कर रहे हैं। उन्होंने राज्य को देश के अगले GCC पावरहाउस के रूप में आगे बढ़ाने की बात कही है।
इससे पहले की रिपोर्ट्स बताती हैं कि उत्तर प्रदेश को कुशल श्रमशक्ति और औद्योगिक ताकत के रूप में भी पेश किया जाता रहा है। राज्य लगातार देश और विदेश में रोडशो और निवेशक संवाद के जरिए अपनी छवि एक उभरते औद्योगिक राज्य के रूप में मजबूत करने में जुटा है।
जनता की प्रतिक्रिया
इस पोस्ट पर लोगों की मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ लोगों ने आयोजन को लेकर उम्मीद जताई और राज्य की तरक्की की कामना की, तो कई लोगों ने इसी मंच पर बिजली विभाग, नौकरी भर्ती प्रक्रिया में देरी और तबादलों जैसी अपनी स्थानीय शिकायतें भी रखीं और जल्द समाधान की मांग की।





















