राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की जांच को लेकर बनी विशेष जांच टीम (SIT) अब सियासी घमासान की वजह बन गई है। अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट लिखकर इस जांच टीम की वैधता पर ही सीधा सवाल खड़ा कर दिया। उनका कहना है कि यह SIT असल में फ़र्ज़ी है और इसका मकसद सच सामने लाना नहीं, बल्कि मामले को दबाना है।
एसआईटी पर उठे कानूनी सवाल
केजरीवाल ने अपनी पोस्ट में सबसे बड़ा सवाल कानूनी प्रक्रिया को लेकर उठाया। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार को यह साफ करना चाहिए कि किस कानून की किस धारा के तहत यह जांच टीम बनाई गई है। उनका तर्क है कि नियमों के मुताबिक बिना FIR दर्ज हुए किसी मामले में SIT का गठन ही नहीं होता। इसी आधार पर उन्होंने पूरी प्रक्रिया को संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया।
केजरीवाल ने क्या लिखा
अपनी पोस्ट में उन्होंने सीधे शब्दों में जांच टीम के इरादों पर निशाना साधा। उनके मुताबिक यह टीम केवल मामले को रफा-दफा करने और बड़े लोगों को बचाने के लिए बनाई गई है।
श्री राम मंदिर में चढ़ावे के चोरी की जांच करने के लिए यू पी सरकार द्वारा बनायी गई SIT फ़र्ज़ी है। यू पी सरकार बताए कि किस क़ानून की किस धारा में ये SIT बनायी गई है? कानूनन बिना FIR के SIT नहीं बनती। ये SIT केवल मामले को रफ़ा दफ़ा करने, ऊँचे लोगों को बचाने और आम लोगों की आँखों...
पोस्ट के मुताबिक इस तरह की जांच का मकसद आम लोगों की नज़रों में धूल झोंकना है, ताकि असली दोषियों तक आंच न पहुंचे।
पृष्ठभूमि
खबरों के मुताबिक अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला इन दिनों सुर्खियों में है। बताया जा रहा है कि चढ़ावे वाले कमरे की सीसीटीवी फुटेज तक से छेड़छाड़ की बात सामने आई है और इसी जांच को SIT के हवाले किया गया है। कुछ विपक्षी नेताओं ने इस पूरे प्रकरण की निगरानी सुप्रीम कोर्ट से कराने की मांग उठाई है, तो कुछ ने चढ़ावे की चोरी का दायरा सैकड़ों करोड़ रुपये तक होने का दावा किया है। दूसरी ओर सरकार की ओर से इस मामले में बड़ी बैठकों और तेज़ कार्रवाई की बात कही जा रही है।
जनता की प्रतिक्रिया
केजरीवाल की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई यूज़र्स ने उनके सवालों का समर्थन करते हुए बिना FIR के जांच पर हैरानी जताई, जबकि कुछ लोगों ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि प्राथमिक तथ्य जुटाने के लिए SIT बनाना गलत नहीं है और इसे सियासत न बनाया जाए।



















