अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के ज़रिए सरकार को सीधे इस्तीफा देने की चुनौती दे दी है। NEET परीक्षा में एक बार फिर धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा:
अब तो इस्तीफ़ा दे दो!
उन्होंने इसे महज़ एक परीक्षा केंद्र की गड़बड़ी नहीं, बल्कि एक संगठित साज़िश करार दिया, जिसमें ऊपर से नीचे तक सभी की मिलीभगत बताई।
भाजपाई गैंग पर सीधा आरोप
अखिलेश यादव ने दावा किया कि NEET की परीक्षा में हुई ताज़ा धोखाधड़ी यह साबित करती है कि भाजपाई गैंग इस बार किसी और के लिए पेपर सॉल्व करने का मुखौटा लगाकर आई थी। उनके मुताबिक यह काम इसलिए हो सका क्योंकि नीचे से ऊपर तक सब आपस में मिले हुए थे, यानी यह कोई इकलौती चूक नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की नाकामी है।
बायोमेट्रिक जांच में भी घपला
अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि इस बार बायोमेट्रिक जांच की प्रक्रिया में भी घपला किया गया। उनका कहना है कि यही वजह है कि धोखाधड़ी में शामिल लोग आसानी से पहचान में नहीं आए और पूरा फर्ज़ीवाड़ा बिना किसी रुकावट के अंजाम तक पहुंच गया।
यह तो बस एक जगह खुला
अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव ने एक और बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यह तो एक जगह है जहां बात खुल गई, बाकी न जाने और कितनी जगहों पर ऐसा हुआ होगा। उनके इस सवाल से साफ़ ज़ाहिर था कि उनके नज़रिए में यह मामला सिर्फ एक परीक्षा केंद्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में ऐसे और मामले अभी भी दबे हो सकते हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई। जहां एक ओर कुछ लोगों ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार की ज़रूरत बताते हुए इस मांग को सही ठहराया, वहीं दूसरी ओर कई यूज़र्स ने इस घोटाले में विभिन्न राज्यों और राजनीतिक दलों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।













