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वरुणा नदी की तस्वीर पर अखिलेश यादव का तंज, सिर्फ दो पंक्तियों में भाजपा पर कसा वारनेता जी
24 जून 2026, 9:39 pm (46 दिन पहले)· 5

वरुणा नदी की तस्वीर पर अखिलेश यादव का तंज, सिर्फ दो पंक्तियों में भाजपा पर कसा वार

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच X पर एक दो पंक्ति की कविता पोस्ट कर भाजपा पर निशाना साधा और वाराणसी की वरुणा नदी का जिक्र किया। पोस्ट पर लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच X पर महज दो पंक्तियों की एक कविता के जरिए भाजपा पर तीखा कटाक्ष किया है। उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ वाराणसी की वरुणा नदी को टैग करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।

क्या लिखा अखिलेश यादव ने

अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव ने लिखा, "खेत सूखे नदी हरियाई, जब से है भाजपा आई।" इन्हीं दो पंक्तियों के साथ उन्होंने #वरूणा_नदी_वाराणसी हैशटैग का इस्तेमाल किया। कविता के जरिए उनका इशारा साफ था, कि एक तरफ खेत सूखे पड़े हैं तो दूसरी तरफ नदी हरी पड़ गई है, यानी जलकुंभी जैसी हरियाली से ढक गई है।

क्या है इशारे का मतलब

"नदी हरियाई" का सीधा संकेत वरुणा नदी की उस हालत की ओर है, जिसमें पानी की सतह हरी परत से ढकी नजर आती है। अखिलेश यादव ने इसी तस्वीर को आधार बनाकर सत्ता पर नदियों और खेती की अनदेखी का आरोप मढ़ने की कोशिश की। चंद शब्दों में कही गई यह बात राजनीतिक संदेश के तौर पर तेजी से फैली।

जनता की प्रतिक्रिया

पोस्ट के सामने आते ही लोगों की राय बंट गई। कुछ लोगों ने अखिलेश यादव की बात का समर्थन करते हुए इसे सरकार की नाकामी बताया, तो कई यूजर्स ने उन्हें घेरते हुए कहा कि सिर्फ दो पंक्तियों या तस्वीरों से हकीकत तय नहीं होती, आरोप के साथ आंकड़े और सबूत भी रखने चाहिए। कुछ ने पलटवार करते हुए दावा किया कि नदियों की सफाई के अभियान का जिक्र किया, जबकि कई लोगों ने सीधे सवाल पूछा कि क्या सरकार हालात संभाल नहीं पा रही।

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सवाल-जवाब

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में क्या लिखा?
उन्होंने X पर लिखा, "खेत सूखे नदी हरियाई, जब से है भाजपा आई" और #वरूणा_नदी_वाराणसी हैशटैग लगाया।
यह पोस्ट किस नदी के बारे में है?
यह वाराणसी की वरुणा नदी से जुड़ी है, जिसकी सतह हरी परत से ढकी नजर आती है।
अखिलेश यादव ने किस पर निशाना साधा?
उन्होंने अपनी कविता के जरिए भाजपा पर खेती और नदियों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए तंज कसा।
"नदी हरियाई" का क्या मतलब है?
इसका इशारा नदी के पानी पर जमी हरी परत यानी जलकुंभी जैसी हरियाली की ओर है।
पोस्ट पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?
प्रतिक्रिया बंटी हुई रही, कुछ ने समर्थन किया तो कई ने आंकड़े और सबूत मांगते हुए आलोचना की।
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