उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर राज्य में घुमंतू विकास बोर्ड के गठन के लिए अपना हार्दिक आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान समुदाय के नेताओं ने सरकार की इस पहल को ऐतिहासिक करार दिया। मुख्यमंत्री ने इस संवाद और आभार ज्ञापन कार्यक्रम की झलकियों को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर साझा करते हुए समाज के हर वर्ग के समावेशी विकास का संकल्प दोहराया।
उत्तर प्रदेश में घुमंतू विकास बोर्ड का गठन
उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने राज्य में विमुक्त और घुमंतू जनजातियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए घुमंतू विकास बोर्ड के गठन को हरी झंडी दी है। इस बोर्ड की स्थापना का प्राथमिक उद्देश्य इन हाशिए पर रहे समुदायों को सामाजिक और आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ना है। वर्षों से उचित प्रतिनिधित्व और व्यवस्थित सहयोग की प्रतीक्षा कर रहे इन वर्गों को अब एक संगठित ढांचा मिलेगा। यह बोर्ड शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और स्थायी रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए नीतियां तैयार करेगा। इसके माध्यम से राज्य भर में फैले हजारों परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त होगा।
लखनऊ में आयोजित आभार व्यक्त कार्यक्रम
लखनऊ में आयोजित आभार ज्ञापन समारोह में विमुक्त और घुमंतू समाज के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और नागरिक बड़ी संख्या में एकत्र हुए। कार्यक्रम के दौरान प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि इस निर्णय से उनके समाज में नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार हुआ है। बैठक में समुदाय के प्रतिनिधियों ने अपनी विभिन्न प्राथमिकताओं, सामाजिक आवश्यकताओं और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उनकी हर संभव सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कल्याणकारी योजनाएं और नीतिगत पहल
घुमंतू और विमुक्त जातियों के उत्थान के लिए राज्य और केंद्र स्तर पर विभिन्न कल्याणकारी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में विमुक्त और घुमंतू जाति वित्त एवं विकास निगम के गठन और संचालन पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। केंद्र सरकार की सीड (SEED) योजना जैसी पहलें इन जातियों के परिवारों को मुफ्त कोचिंग, स्वास्थ्य बीमा, आवास सहायता और आजीविका के साधन उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। उत्तर प्रदेश सरकार इन केंद्रीय और राज्य स्तरीय योजनाओं को एकीकृत करके घुमंतू समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा
सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विमुक्त एवं घुमंतू समाज द्वारा लखनऊ में आयोजित आभार कार्यक्रम सरकार की लोक कल्याणकारी नीतियों की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने रेखांकित किया कि राज्य सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के हर पीड़ित, शोषित और वंचित वर्ग को अधिकार और सम्मान दिलाने के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि घुमंतू विकास बोर्ड केवल एक प्रशासनिक संस्था नहीं होगी, बल्कि यह इन जातियों के बच्चों के भविष्य को संवारने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का एक सशक्त माध्यम बनेगी।
समाजवादी पार्टी के बारे में
समाजवादी पार्टी भारत का एक प्रमुख राजनीतिक दल है जो मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में सक्रिय भूमिका निभाता है। इस राजनीतिक दल की स्थापना 4 अक्टूबर 1992 को की गई थी। पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव थे, जिन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में तीन बार सेवा दी और देश के रक्षा मंत्री का पद भी संभाला। वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में संगठन का नेतृत्व कर रहे हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा साझा की गई इस जानकारी पर सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने कई तरह की प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं। अधिकांश लोगों ने घुमंतू विकास बोर्ड के गठन की सराहना करते हुए इसे सामाजिक न्याय की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम बताया। इसके साथ ही कुछ उपयोगकर्ताओं ने अन्य वर्गों के लिए नौकरियों में आयु सीमा में छूट देने तथा विभिन्न प्रशासनिक सुधारों को लागू करने से जुड़े आग्रह भी सरकार के समक्ष रखे।



























