देश के मीडिया और राजनीतिक गलियारों से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। संसद की वरिष्ठ और कर्मठ पत्रकार पायल मेहता का मुंबई में 46 वर्ष की आयु में असामयिक निधन हो गया है। अचानक उत्पन्न हुई चिकित्सीय आपात स्थिति के कारण उनका देहांत हुआ। उनके इस तरह अचानक चले जाने से पत्रकारिता जगत के साथ ही राष्ट्रीय राजनीति में भी शोक का माहौल है। विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों और मीडिया सहयोगियों ने उनके निधन पर अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं।
संसदीय रिपोर्टिंग का एक सशक्त चेहरा
पायल मेहता को संसद भवन और राष्ट्रीय मामलों की सटीक और निरंतर रिपोर्टिंग के लिए विशेष रूप से पहचाना जाता था। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने सत्ता के शीर्ष गलियारों और विधायी गतिविधियों की हर बारीकी को दर्शकों तथा पाठकों तक बहुत संजीदगी से पहुंचाया। जमीनी स्तर पर पकड़ रखने और जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को सहज रूप में पेश करने की उनकी कार्यशैली ने उन्हें एक विशिष्ट पहचान दिलाई थी। उनके साथी बताते हैं कि वे अविश्वसनीय ऊर्जा, अथक परिश्रम और सकारात्मक स्वभाव के साथ हर चुनौती का सामना करती थीं।
एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पर जताया शोक
पायल मेहता के आकस्मिक निधन की सूचना मिलते ही विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर दुख साझा किया। उन्होंने लिखा, "Shocked at the sudden passing away of Payal Mehta. She leaves behind many grieving friends, who will miss her warmth and vivaciousness." इसके साथ ही उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार और दोस्तों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व ने दी श्रद्धांजलि
पायल मेहता के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्रियों ने भी शोक व्यक्त किया है। इसके अलावा कंगना रनौत और स्मृति ईरानी समेत कई प्रमुख हस्तियों ने उनके असामयिक निधन को जीवन की अनिश्चितता बताते हुए अपूरणीय क्षति करार दिया। नेताओं ने कहा कि पायल मेहता ने अपनी निष्पक्ष पत्रकारिता, कर्तव्यनिष्ठा और गर्मजोशी से भरे व्यवहार से सभी का दिल जीता था। फील्ड रिपोर्टिंग में उनकी सक्रिय उपस्थिति हमेशा याद की जाएगी।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर आम नागरिकों, पत्रकारों और प्रशंसकों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी। लोगों ने उनके परिवार को इस असीम दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की और पत्रकारिता में उनके अद्वितीय योगदान व मिलनसार व्यक्तित्व को याद किया।



























