निराशा के भंवर से निकलने का तिब्बती मंत्र, अजीत डोभाल ने सुनाया माउंट एवरेस्ट के अनुभवी साथी का किस्सासोने की कीमतों में भारी उछाल के बाद स्थिरता, जानें चांदी और सभी कैरेट के ताजा भावकिचन में रखे इडली स्टैंड से बनाएं चार लाजवाब डिशेज, नाश्ता बनेगा बेहद आसान और टेस्टीबिना मेहनत लगातार थकान और चक्कर महसूस होना कई छिपी शारीरिक समस्याओं का संकेतविंध्य में पुत्रजीवक पौधे को लेकर उत्सुकता, जानिए पारंपरिक महत्व और कीमततुला राशि में 26 सितंबर से बुध का गोचर, जानें करियर और आर्थिक मोर्चे पर किन राशियों की चमकेगी किस्मतभारत में तैयार होगी 350 की रफ्तार वाली बुलेट ट्रेन, दिल्ली से पटना का सफर महज तीन घंटेडेढ़ सदी पुराना जायका: जब पटना के महंगु होटल में पकता है मटन और बटेर, खिंचे चले आते हैं दिग्गजचेहरे पर नजर आने लगे हैं खुले रोमछिद्र, जानिए रोजमर्रा की किन गलतियों से त्वचा खोती है अपना निखारनींबू और लाइम में क्या फर्क है, जानिए किसे किस डिश में डालना सही रहेगा
वरिष्ठ पत्रकार पायल मेहता का 46 वर्ष की आयु में निधन, राहुल गांधी और अमित शाह समेत कई नेताओं ने जताया दुखनेता जी
20 सित॰ 2026, 11:46 am (51 मिनट पहले)· 0

वरिष्ठ पत्रकार पायल मेहता का 46 वर्ष की आयु में निधन, राहुल गांधी और अमित शाह समेत कई नेताओं ने जताया दुख

संसद कवर करने वाली 46 वर्षीय पत्रकार पायल मेहता के मुंबई में आकस्मिक निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्रियों ने शोक व्यक्त किया है।

संसदीय पत्रकारिता से जुड़ी वरिष्ठ पत्रकार पायल मेहता का 46 वर्ष की आयु में मुंबई में असामयिक निधन हो गया। उनके अचानक चले जाने से मीडिया जगत और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। संसद की कार्यवाही को लंबे समय तक कवर करने वाली मेहता के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं ने अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं।

राहुल गांधी ने जताया शोक

संसद में उनके रिपोर्टिंग कार्य को स्मरण करते हुए राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच X पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने मेहता के निधन को अत्यंत दुखद बताया और शोक संतप्त परिवार, मित्रों और सहयोगियों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना प्रकट की। उन्होंने लिखा, "संसद कवर करने वाली पत्रकार पायल मेहता जी के असामयिक निधन से दुखी हूं।"

राजनीतिक गलियारों और मंत्रियों की प्रतिक्रियाएं

पायल मेहता के निधन पर पक्ष और विपक्ष दोनों ही पक्षों के वरिष्ठ नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनके जाने को पत्रकारिता जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति करार दिया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दुखद घड़ी में अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और सांसद कंगना रनौत ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से उनके निधन पर दुख प्रकट किया और जीवन की नश्वरता को याद करते हुए उनके परिवार को संबल मिलने की प्रार्थना की।

संसदीय रिपोर्टिंग में रहा लंबा अनुभव

पायल मेहता राष्ट्रीय राजनीति और संसद से जुड़े घटनाक्रमों पर अपनी रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती थीं। कई वर्षों तक उन्होंने संसद भवन से विभिन्न राजनीतिक गतिविधियों और विधायी प्रक्रियाओं की बारीक कवरेज की। मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई थी, जिस कारण देश के शीर्ष नीति निर्माताओं और नेताओं से उनका निरंतर संपर्क रहता था।

अनटाइमली मेडिटेशन्स के संदर्भ में

साहित्यिक और दार्शनिक विमर्शों में असामयिक चिंतन की बात करते हुए अक्सर फ्रेडरिक नीत्शे के प्रसिद्ध संकलन का उल्लेख मिलता है। जर्मन दार्शनिक फ्रेडरिक नीत्शे द्वारा 1873 से 1876 के बीच रचित चार निबंधों के संग्रह को 'अनटाइमली मेडिटेशन्स' कहा जाता है। इसे तत्कालीन संस्कृति, शिक्षा और समाज पर बेबाक टिप्पणियों के लिए जाना जाता है, जिसे कई संदर्भों में लीक से हटकर किए गए विचारों के रूप में भी देखा जाता है।

जनता की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर आम नागरिकों और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने राहुल गांधी द्वारा राजनीतिक मतभेदों से परे जाकर संवेदना प्रकट करने की सराहना की, जबकि कई लोगों ने कम उम्र में अचानक होने वाली मौतों को लेकर गहरी चिंता जाहिर की।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

पायल मेहता कौन थीं?
पायल मेहता एक वरिष्ठ पत्रकार थीं, जिन्होंने कई वर्षों तक संसद और राष्ट्रीय राजनीति की रिपोर्टिंग की।
उनका निधन किस आयु में और कहां हुआ?
उनका निधन 46 वर्ष की आयु में मुंबई में हुआ।
राहुल गांधी ने उनके निधन पर क्या कहा?
राहुल गांधी ने संसद कवर करने वाली पत्रकार पायल मेहता के असामयिक निधन पर गहरा दुख जताते हुए उनके परिवार, मित्रों और सहयोगियों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
किन अन्य प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, स्मृति ईरानी और कंगना रनौत सहित कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया।
अनटाइमली मेडिटेशन्स क्या है?
यह जर्मन दार्शनिक फ्रेडरिक नीत्शे द्वारा 1873 से 1876 के बीच लिखे गए चार दार्शनिक निबंधों का एक प्रसिद्ध संग्रह है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp