विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपनी यूक्रेन की राजधानी कीव की आधिकारिक यात्रा का समापन नेशनल बॉटनिकल गार्डन में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करके किया। इस महत्वपूर्ण पड़ाव के साथ उनकी यह यात्रा पूरी हो गई, जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपने विचार साझा किए।
शांति और युद्ध विराम का संदेश
कीव में महात्मा गांधी को नमन करने के बाद विदेश मंत्री ने अपने संदेश में इस बात पर जोर दिया कि महात्मा गांधी का जीवन और उनके विचार पूरी मानवता के लिए एक मार्गदर्शक हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि आज के समय की सबसे बड़ी मांग यह है कि दुनिया को अंतहीन युद्धों के दौर से बाहर निकलकर युद्ध की समाप्ति और स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
भारत की कूटनीतिक सक्रियता
यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक प्रयास तेज हैं और भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के माध्यम से संघर्षों के समाधान की वकालत कर रहा है। कीव के नेशनल बॉटनिकल गार्डन में बापू को श्रद्धांजलि देना इस यात्रा का एक भावनात्मक और वैचारिक रूप से अहम हिस्सा रहा, जो वैश्विक मंच पर भारत के शांतिपूर्ण रुख को रेखांकित करता है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस यात्रा और संदेश को लेकर लोगों की तरफ से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं, जहां कई लोगों ने वैश्विक शांति की दिशा में भारत की भूमिका की सराहना की तो कुछ ने अन्य मुद्दों पर भी अपनी राय रखी।


























