उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर देशवासियों से एक विशेष अपील जारी की है। सोशल मीडिया मंच X पर दिए गए अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त को भारत की आन, बान और शान का प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा देश के प्रत्येक घर में फहराया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी आह्वान किया कि देश के सभी शैक्षणिक, प्रशासनिक, सामाजिक और व्यावसायिक संस्थानों में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का गायन अनिवार्य रूप से होना चाहिए।
हर घर तिरंगा अभियान की पृष्ठभूमि और व्यापकता
राष्ट्रीय ध्वज को जन-जन से जोड़ने की यह पहल वर्ष 2022 में शुरू किए गए 'हर घर तिरंगा' अभियान की निरंतरता है। भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित 'आजादी के अमृत महोत्सव' के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपने-अपने घरों पर तिरंगा फहराने का आग्रह किया था। इस ऐतिहासिक पहल का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय ध्वज को केवल सरकारी भवनों तक सीमित न रखकर इसे आम नागरिकों के दैनिक जीवन, राष्ट्रप्रेम और नागरिक कर्तव्यों से जोड़ना था। तब से हर साल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के गांवों से लेकर बड़े शहरों तक करोड़ों नागरिक अपने घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों पर गर्व के साथ तिरंगा फहराते हैं। इस अभियान से देश भर के ध्वज निर्माताओं और छोटे विक्रेताओं को भी आर्थिक संबल मिला है।
राष्ट्रीय प्रतीकों का महत्व और स्वतंत्रता दिवस का संदेश
भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा देश के बलिदान, गौरव, संप्रभुता और अखंडता का जीवंत प्रतीक है। इसके तीनों रंग और बीच में स्थित अशोक चक्र देश की प्रगति, शांति, साहस और विकास यात्रा को दर्शाते हैं। स्वतंत्रता दिवस का यह अवसर न केवल आजादी के महान संघर्ष में अपने प्राण न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और बलिदानियों को नमन करने का दिन है, बल्कि यह हर नागरिक को देश को समृद्ध और सशक्त बनाने के संकल्प का स्मरण भी कराता है। शैक्षणिक संस्थानों और कार्यालयों में 'वंदे मातरम' का सामूहिक गायन नागरिकों में राष्ट्र के प्रति समर्पण, अनुशासन और गौरव की भावना को और अधिक सुदृढ़ करता है।
जनता की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस संदेश पर सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की ओर से व्यापक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। जहां बड़ी संख्या में लोगों ने राष्ट्रभक्ति के इस आह्वान का स्वागत किया और अपने घरों पर तिरंगा फहराने का संकल्प जताया, वहीं कुछ नागरिकों ने यह विचार भी रखा कि राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने और बुनियादी विकास कार्यों को गति देने पर भी समान रूप से बल दिया जाना चाहिए।


























