सोशल मीडिया मंच X पर एक विशेष संदेश साझा करते हुए योगी आदित्यनाथ (@myogiadityanath) ने स्वदेशी उत्पादों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण आह्वान किया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से लोगों से यह अपील की कि जब भी किसी अवसर पर भेंट या उपहार देने की बात आए, तो विदेश में बने सामान को खरीदने से बचना चाहिए। इसके बजाय अपने ही देश के कुशल कारीगरों और हस्तशिल्पियों द्वारा तैयार की गई वस्तुओं को ही उपहार स्वरूप दिया जाना चाहिए।
स्वदेशी शिल्पकला और स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने पर जोर
अपने संदेश में योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर जोर दिया कि देश के शिल्पकारों और कारीगरों के परिश्रम का सम्मान होना आवश्यक है। उन्होंने लिखा कि विदेशी ब्रांड्स और आयातित वस्तुओं की जगह देश की माटी से जुड़ी कलाकृतियों और हस्तनिर्मित सामान को प्राथमिकता देनी चाहिए। ऐसा करने से न केवल पारंपरिक कला और संस्कृति का संवर्धन होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी एक नई दिशा और गति मिलेगी।
स्थानीय स्तर पर निर्मित उपहारों को अपनाने से देश के सूक्ष्म और लघु उद्योगों को सीधा प्रोत्साहन मिलता है। जब नागरिक स्वदेशी सामान की खरीदारी करते हैं, तो इससे न केवल स्थानीय कारीगरों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलता है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम भी उठता है। इस तरह के व्यक्तिगत प्रयास स्थानीय उद्योग और पारंपरिक कलाओं को व्यापक रूप से सफल बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
योगी आदित्यनाथ के इस वक्तव्य पर सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की ओर से तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। जहां एक बड़े वर्ग ने हस्तशिल्पियों के कल्याण, उन्हें सीधा बाजार उपलब्ध कराने और स्वदेशी को बढ़ावा देने के विचार का सहर्ष समर्थन किया, वहीं कुछ नागरिकों ने स्थानीय स्तर पर नागरिक सुविधाओं, बिजली आपूर्ति और प्रशासनिक जवाबदेही से संबंधित अपने सवाल और चिंताएं भी जाहिर कीं।


























