मूलांक 8 राशिफल 8 अगस्त 2026: शनि की दोहरी ऊर्जा से गहराएगा चिंतन, काम और रिश्तों में संतुलन बनाए रखना होगा जरूरीराजस्थान के टोंक में 60 वर्षीय संतोष देवी पर डायन बताकर हमला, रिश्तेदारों सहित 8-9 लोगों पर आरोपभागलपुर में पति की हत्या के लिए हैदराबाद से फ्लाइट लेकर आया प्रेमी, पत्नी समेत तीन आरोपी गिरफ्तारबांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट की सुरक्षा में तैनात 41 वर्षीय कांस्टेबल गणेश का निधनमूलांक 6 राशिफल 8 अगस्त 2026: संयम और विनम्र भाषा से बनेंगे काम, जल्दबाजी और गुस्से पर रखें काबू12 अगस्त 2026 के पूर्ण सूर्य ग्रहण का प्रभाव, मेष, कर्क, सिंह और कुंभ राशि वालों के लिए सतर्कता के निर्देशलाइव: झारखंड में छात्रों का प्रदर्शन 15वें दिन में प्रवेश, राज्य सरकार ने दूसरे गुट को बातचीत के लिए बुलायाकम समय में रिकॉर्ड पैदावार और ₹4000 क्विंटल भाव, रामपुर के किसानों को रास आई पूसा बासमती 1509 धानद अलायंस फिनाले के बाद जैद दरबार का खुलासा गौहर खान की सीख से कुशाल टंडन संग संभला रिश्तापाकिस्तान केंद्रित जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश, खुफिया जानकारी लीक करने पर भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर गिरफ्तार
उपहार में स्वदेशी हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पाद देने की योगी आदित्यनाथ ने की अपीलनेता जी
7 अग॰ 2026, 12:46 pm (22 घंटे पहले)· 0

उपहार में स्वदेशी हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पाद देने की योगी आदित्यनाथ ने की अपील

योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा करते हुए लोगों से विदेशी सामान के बजाय देश के कारीगरों और हस्तशिल्पियों द्वारा निर्मित उत्पादों को ही उपहार के रूप में देने का आग्रह किया है।

सोशल मीडिया मंच X पर एक विशेष संदेश साझा करते हुए योगी आदित्यनाथ (@myogiadityanath) ने स्वदेशी उत्पादों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण आह्वान किया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से लोगों से यह अपील की कि जब भी किसी अवसर पर भेंट या उपहार देने की बात आए, तो विदेश में बने सामान को खरीदने से बचना चाहिए। इसके बजाय अपने ही देश के कुशल कारीगरों और हस्तशिल्पियों द्वारा तैयार की गई वस्तुओं को ही उपहार स्वरूप दिया जाना चाहिए।

स्वदेशी शिल्पकला और स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने पर जोर

अपने संदेश में योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर जोर दिया कि देश के शिल्पकारों और कारीगरों के परिश्रम का सम्मान होना आवश्यक है। उन्होंने लिखा कि विदेशी ब्रांड्स और आयातित वस्तुओं की जगह देश की माटी से जुड़ी कलाकृतियों और हस्तनिर्मित सामान को प्राथमिकता देनी चाहिए। ऐसा करने से न केवल पारंपरिक कला और संस्कृति का संवर्धन होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी एक नई दिशा और गति मिलेगी।

स्थानीय स्तर पर निर्मित उपहारों को अपनाने से देश के सूक्ष्म और लघु उद्योगों को सीधा प्रोत्साहन मिलता है। जब नागरिक स्वदेशी सामान की खरीदारी करते हैं, तो इससे न केवल स्थानीय कारीगरों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलता है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम भी उठता है। इस तरह के व्यक्तिगत प्रयास स्थानीय उद्योग और पारंपरिक कलाओं को व्यापक रूप से सफल बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

जनता की प्रतिक्रिया

योगी आदित्यनाथ के इस वक्तव्य पर सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की ओर से तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। जहां एक बड़े वर्ग ने हस्तशिल्पियों के कल्याण, उन्हें सीधा बाजार उपलब्ध कराने और स्वदेशी को बढ़ावा देने के विचार का सहर्ष समर्थन किया, वहीं कुछ नागरिकों ने स्थानीय स्तर पर नागरिक सुविधाओं, बिजली आपूर्ति और प्रशासनिक जवाबदेही से संबंधित अपने सवाल और चिंताएं भी जाहिर कीं।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में क्या अपील की?
उन्होंने लोगों से विदेशी निर्मित सामान के बजाय स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्पियों द्वारा तैयार उत्पाद ही उपहार में देने की अपील की।
यह संदेश किस सोशल मीडिया मंच पर साझा किया गया?
यह संदेश सोशल मीडिया मंच X पर उनके आधिकारिक खाते (@myogiadityanath) के माध्यम से साझा किया गया।
स्वदेशी हस्तशिल्प को उपहार में देने से क्या लाभ होता है?
इससे घरेलू कारीगरों को आजीविका का संबल मिलता है, पारंपरिक कला का संरक्षण होता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।
इस पोस्ट पर जनता की कैसी प्रतिक्रिया रही?
जनता की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं; कई लोगों ने कारीगर कल्याण का समर्थन किया, वहीं कुछ लोगों ने स्थानीय बुनियादी और प्रशासनिक मुद्दों पर सवाल उठाए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR