रियलिटी शो 'लॉक अप 2' के 31वें एपिसोड में भावनाओं का सैलाब देखने को मिला, जहां 'जजमेंट डे' नाम के एक टास्क ने दो कंटेस्टेंट्स का शो में आगे बढ़ने का सफर खत्म कर दिया। पामेला सेरेना और आकांक्षा चौधरी को इस टास्क के बाद घर वापसी करनी पड़ी, जबकि शिल्पा शिंदे और राम कपूर ने टास्क जीतकर खुद को बचा लिया। शो छोड़ने से ठीक पहले 'स्प्लिट्सविला' फेम मॉडल आकांक्षा चौधरी ने अपनी जिंदगी का एक दर्दनाक अनुभव सबके सामने रखा, जब उन्हें एक ब्यूटी पेजेंट की तैयारी के दौरान कथित तौर पर 'कास्टिंग काउच' का सामना करना पड़ा था।
फिनाले की रेस से बाहर हुए दो चेहरे
'लॉक अप 2' के ताजा एलिमिनेशन राउंड में पामेला सेरेना और आकांक्षा चौधरी टिक नहीं पाईं और आखिरकार शो से बाहर हो गईं। इसी के साथ दोनों की शो के फिनाले तक पहुंचने की उम्मीदें खत्म हो गईं। इस भावुक पल में आकांक्षा चौधरी और योगेश रावत एक-दूसरे को गले लगाकर रोते नजर आए। वहीं पामेला सेरेना को बाहर जाता देख आकांक्षा चमोला की आंखों में आंसू आ गए। हालांकि इस बार पामेला ने बाहर होने से पहले कोई नया राज नहीं खोला, जबकि पिछले एपिसोड्स में उनकी कई बातें सुर्खियों में रही थीं।
पैसों की तंगी में आकांक्षा ने मांगी थी मदद
आकांक्षा चौधरी ने बताया कि पेजेंट में हिस्सा लेने के लिए कपड़ों और ट्रेनिंग जैसी जरूरतों पर करीब 1-2 लाख रुपये खर्च होने थे, लेकिन उनका परिवार इतनी बड़ी रकम जुटाने की स्थिति में नहीं था। पैसों की इसी तंगी से जूझते हुए उन्होंने पेजेंट इंडस्ट्री की एक जानी-मानी शख्सियत से संपर्क किया। यह वही व्यक्ति थे जिन्हें वह सालों से जानती थीं, क्योंकि वह पहले कई पेजेंट्स में जज की भूमिका निभा चुके थे। आकांक्षा के मुताबिक, इस शख्स की पहचान उभरते हुए कंटेस्टेंट्स की आर्थिक मदद करने वाले शख्स के तौर पर थी, इसलिए उन्हें भरोसा था कि मदद मिल जाएगी। उन्होंने उस व्यक्ति के सामने प्रस्ताव रखा कि अगर वह कुछ महीनों तक उनकी मदद करें, तो बदले में वह उनके यहां एक कर्मचारी की तरह काम करेंगी। आकांक्षा का दावा है कि वह शख्स इस शर्त पर राजी हो गया और उन्हें अपने घर बुलाया। चूंकि इससे पहले भी वह उनके घर जा चुकी थीं, इसलिए उन्होंने वहां जाने से पहले कुछ भी शक नहीं किया।
आकांक्षा ने सुनाई कास्टिंग काउच की डरावनी दास्तां
आकांक्षा ने बताया कि जब वह उस व्यक्ति के घर पहुंचीं, तो उसने पहले गले लगाने के बहाने से करीब आने की कोशिश की और उन्हें पकड़ लिया। उम्र में काफी बड़े होने के कारण आकांक्षा ने खुद को छुड़ाते हुए बताया,
'मैंने उनका हाथ पकड़ा और झटका।'उन्होंने आरोप लगाया कि उस व्यक्ति ने साफ कह दिया कि वह उन्हें इतने पैसे दे रहा है, तो बदले में उन्हें उसके साथ संबंध बनाने होंगे, और महीने में 5-6 बार मिलने की शर्त भी रख दी। आकांक्षा के अनुसार, इस घटना के करीब 6 महीने बाद वह एक बड़े शो का हिस्सा बनीं और एक साल के भीतर वह इंडस्ट्री के सबसे बड़े मंचों में से एक तक पहुंच गईं।
ग्लैमर इंडस्ट्री की कड़वी सच्चाई
आकांक्षा चौधरी का यह खुलासा दिखाता है कि मॉडलिंग और पेजेंट की दुनिया में कदम रखने से पहले कई युवा कंटेस्टेंट्स को आर्थिक तंगी के साथ-साथ शोषण जैसी मुश्किलों का भी सामना करना पड़ता है। आर्थिक मदद के नाम पर होने वाला यह दबाव ग्लैमर इंडस्ट्री की एक कड़वी और अनकही सच्चाई है, जिसे आकांक्षा ने 'लॉक अप 2' के मंच से खुलकर सामने रखा। उनके शो से बाहर होने के साथ अब फिनाले की रेस में बचे कंटेस्टेंट्स पर दर्शकों की निगाहें और तेज हो गई हैं।



















