ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर प्रसारित हो रहे चर्चित रियलिटी शो 'लॉक अप 2' का धमाकेदार समापन हो गया है। 27 जून को 15 प्रतियोगियों और बाद में दो वाइल्ड कार्ड एंट्रियों के साथ शुरू हुआ यह 40 दिनों का सफर बेहद नाटकीय मोड़ों, कठिन टास्क, टूटती-बनाती दोस्ती और तीखे विवादों से भरा रहा। आखिरकार आज रात 8 बजे से स्ट्रीम हुए ग्रैंड फिनाले में श्रेया कालरा ने बाजी मारते हुए इस सीजन की ट्रॉफी और 1 करोड़ रुपये की भारी-भरकम इनामी राशि अपने नाम कर ली है। शो का फाइनल मुकाबला श्रेया कालरा और शिवांगी जोशी के बीच बेहद रोमांचक रहा, जिसमें इनमेट्स के वोटों और लाइव ऑडियंस की वोटिंग के आधार पर श्रेया को विजेता घोषित किया गया।
ग्रैंड फिनाले का रोमांच और विजेताओं के इनाम
इस ग्रैंड फिनाले एपिसोड की मेजबानी बॉलीवुड हस्तियों फराह खान और रितेश देशमुख ने संयुक्त रूप से की। फिनाले की रेस में कुल पांच मजबूत दावेदार पहुंचे थे, जिनमें श्रेया कालरा, शिवांगी जोशी, शिल्पा शिंदे, योगेश रावत और राम कपूर शामिल थे। शो के नियम के मुताबिक केवल अंतिम विजेता को ही 1 करोड़ रुपये की मुख्य नकद राशि दी जानी थी, जबकि बाकी फाइनलिस्ट को कोई नकद पुरस्कार नहीं मिला। हालांकि, फिनाले से ठीक पहले हुए एक विशेष टास्क के दौरान योगेश रावत ने 10 लाख रुपये की राशि अपने नाम कर ली थी, वहीं श्रेया कालरा ने टास्क जीतकर एक खास एडवांटेज हासिल किया था। फिनाले में लाइव ऑडियंस और घर के सदस्यों की वोटिंग में श्रेया को सबसे ज्यादा वोट मिले, जिसके बाद शिवांगी जोशी को रनर-अप घोषित किया गया।
छठे हफ्ते का ट्विस्ट और एलिमिनेशन का सफर
शो का छठा हफ्ता बेहद अप्रत्याशित साबित हुआ था, जब श्रेया कालरा ने शिवांगी जोशी को बेघर करने का फैसला किया था। लेकिन उस समय हर्षद चोपड़ा ने बड़ा दिल दिखाते हुए अपनी फिनाले सीट शिवांगी को सौंप दी और खुद शो से बाहर होने का जोखिम लिया। इसके बाद हुए एलिमिनेशन राउंड्स में आकांक्षा चौधरी और 'लैला' के नाम से मशहूर वरुण यादव शो से बाहर हो गए, जिसके बाद 'लॉक अप 2' को अपने टॉप 5 फाइनलिस्ट मिले।
टीम शिवांगी की तरफ से जारी हुआ आधिकारिक बयान
फिनाले से ठीक पहले सोशल मीडिया पर शिवांगी जोशी के गेमप्ले को लेकर उठ रहे सवालों और ट्रोलिंग पर उनकी आधिकारिक टीम ने एक विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया। टीम ने कहा कि शिवांगी शुरुआत में खेल को पूरी तरह निष्पक्ष मानकर खेल रही थीं, लेकिन जब उन्हें अहसास हुआ कि परिस्थितियां वैसी नहीं हैं और वह आहत हुईं, तो उनके दुखी होने पर सवाल उठाना गलत है। टीम ने आलोचकों को चुनौती देते हुए कहा कि कोई एक भी ऐसा वीडियो क्लिप दिखाए जिसमें शिवांगी ने किसी अन्य प्रतियोगी से अपने लिए खेल छोड़ने को कहा हो। हर्षद चोपड़ा द्वारा अपनी फिनाले सीट शिवांगी को दिए जाने पर टीम ने साफ किया कि शो का फॉर्मेट ही ऐसा था जहां एक दोस्त दूसरे को बचा सकता था। हर्षद ने यह फैसला पूरी अपनी मर्जी से लिया था, इसलिए इसका दोष शिवांगी पर डालना अनुचित है। टीम ने यह भी जोड़ा कि शुरुआत में शिवांगी को 'बेज़ुबान' कहा गया और जब उन्होंने अपने अधिकार के लिए आवाज उठाई, तो प्रायोजित नफरत फैलाई जाने लगी।
हर्षद चोपड़ा का दोस्ती पर स्पष्टीकरण
शो के दौरान जब तेजस्वी प्रकाश ने हर्षद चोपड़ा से पूछा कि उन्होंने अक्सर खुद से पहले शिवांगी की जरूरतों को प्राथमिकता क्यों दी, तो हर्षद ने सहजता से जवाब दिया। उन्होंने बताया कि उनकी और शिवांगी की पुरानी दोस्ती है। जब 15 से 16 अनजान लोग सीमित भोजन और कठिन परिस्थितियों के बीच बंद होते हैं, तो एक-दूसरे का समर्थन करना स्वाभाविक हो जाता है। उस समय उन्होंने यह नहीं सोचा था कि इस फैसले का उनके अपने गेम पर क्या असर पड़ेगा।
वरुण यादव का भावुक वीडियो और व्यक्तिगत क्षति
'लॉक अप 2' से बेघर होने के बाद वरुण यादव ने अपने प्रशंसकों के लिए सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो शेयर किया। उन्होंने समर्थकों का शुक्रिया अदा करते हुए खुलासा किया कि जब वह शो के अंदर टास्क खेल रहे थे, उसी दौरान उनके दादाजी का देहांत हो गया था। इस दुखद खबर के बावजूद शो में बने रहना उनके लिए मानसिक रूप से बहुत कठिन था। उन्होंने कठिन समय में साथ देने वालों का आभार माना और कहा कि दर्शकों का प्यार ही उनकी असली कमाई है।
विजेता की अफवाहों पर निर्माता एकता कपूर का जवाब
फिनाले से ठीक पहले सोशल मीडिया पर श्रेया कालरा के विजेता बनने की उड़ती अफवाहों पर जब पपराजी ने शो की निर्माता एकता कपूर से सवाल किया, तो उन्होंने चुटीले अंदाज में कहा कि अगर शिवांगी जीतती हैं तो क्या कोई समस्या है। इसके बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि विजेता चुनना पूरी तरह से जनता के वोटों और शो के फॉर्मेट पर निर्भर करता है, इसमें उनका कोई व्यक्तिगत हाथ नहीं होता है। आखिरकार आज रात नेटफ्लिक्स पर पूरे एपिसोड के प्रसारण के साथ ही श्रेया कालरा के नाम पर आधिकारिक मुहर लग गई।



















