आंध्र प्रदेश की राजनीति में पारिवारिक और राजनीतिक खींचतान एक बार फिर चरम पर पहुंच गई है। राज्य के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने वाई एस जगन मोहन रेड्डी पर कड़ा प्रहार करते हुए उनकी तुलना महाभारत के पौराणिक पात्र कंस से कर दी है। यह पूरा विवाद परिवार के भीतर शादी के एक कार्यक्रम के लिए तय किए गए वेन्यू और संपत्तियों के बंटवारे को लेकर उपजा है, जिसमें कई तरह के गंभीर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं।
भतीजी की शादी और येलाहंका पैलेस का विवाद
यह पूरा राजनीतिक घमासान वाई एस जगन मोहन रेड्डी और उनकी बहन वाई एस शर्मिला के बीच चल रहे पारिवारिक मतभेदों से जुड़ा हुआ है। वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने अपनी बहन को पत्र लिखकर साफ मना कर दिया था कि वे परिवार के येलाहंका पैलेस में अपनी बेटी की शादी का आयोजन नहीं कर सकती हैं। एन चंद्रबाबू नायडू ने इसी बात को लेकर वाई एस जगन मोहन रेड्डी के इस फैसले पर जोरदार सवाल उठाए हैं और इसे अनुचित करार दिया है।
माता और बहन के साथ व्यवहार पर सवाल
मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि संपत्ति से जुड़े विवादों के दौरान वाई एस जगन मोहन रेड्डी का रवैया अपनी मां और बहन वाई एस शर्मिला के प्रति बेहद अनुचित रहा है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह भी कहा कि परिवार की संपत्तियों में वाई एस शर्मिला का भी पूरा कानूनी और नैतिक हिस्सा बनता है। नायडू के अनुसार, इस तरह के पारिवारिक मामलों में ऐसा बर्ताव नैतिक मूल्यों की भारी कमी को दर्शाता है।
राजनीतिक गलियारों में गरमाया माहौल
शादी के वेन्यू को लेकर शुरू हुआ यह पारिवारिक विवाद अब राज्य की मुख्यधारा की राजनीति का एक बड़ा केंद्र बन गया है। दोनों पक्षों के बीच चल रही इस तनातनी ने राजनीतिक सरगर्मियों को काफी बढ़ा दिया है। विपक्षी नेताओं और सत्ता पक्ष के बीच इस मुद्दे पर लगातार बयानबाजी जारी है, जिससे आने वाले दिनों में राज्य का सियासी पारा और अधिक चढ़ने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं।
























