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चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद नितिन नवीन का कांग्रेस पर पलटवार, कहा- झूठे बयानों से देश की संस्थाओं पर हो रहा हमलाराजनीति
27 सित॰ 2026, 12:34 am (30 दिन पहले)· 3

चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद नितिन नवीन का कांग्रेस पर पलटवार, कहा- झूठे बयानों से देश की संस्थाओं पर हो रहा हमला

चुनाव आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण पर आधिकारिक बयान जारी करने के बाद भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने के लिए पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठे आरोपों का सहारा लिया है।

नई दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी उस समय और तेज हो गई जब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस पार्टी पर बेहद तीखा हमला बोला। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब भारत निर्वाचन आयोग ने शनिवार को विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर अपना एक विस्तृत आधिकारिक बयान जारी किया। चुनाव आयोग की इस सफाई के बाद भाजपा प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तीखा पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी और उसके राजनीतिक सहयोगियों ने एक पूरी तरह से गढ़े हुए और झूठे नैरेटिव को आधार बनाकर देश की प्रतिष्ठित संवैधानिक संस्थाओं पर सुनियोजित हमला किया है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि एसआईआर के पूरे प्रकरण पर जनता को गुमराह करने की विपक्षी दलों की नापाक कोशिश एक बार फिर पूरी तरह से बेनकाब हो चुकी है।

संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर प्रहार

भाजपा अध्यक्ष ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग ने अपने स्पष्टीकरण में यह साफ कर दिया है कि एसआईआर से जुड़े हुए तमाम आदेश और फैसले आयोग के तीनों निर्वाचन आयुक्तों की आपसी सहमति से ही जारी किए गए थे। इसके अलावा, मतदाता पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी पहले ही पूरी तरह से बरकरार रखा जा चुका है। इसके बावजूद विपक्षी दलों ने इन तमाम कानूनी और तथ्यात्मक सच्चाइयों को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि आयोग ने यह बिल्कुल स्पष्ट कर दिया था कि यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी थी, फिर भी कांग्रेस ने राजनीति से प्रेरित होकर बिना सिर-पैर के मनगढ़ंत आरोप लगाए और देश की पवित्र संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करने का काम किया जो बेहद निंदनीय है।

चुनिंदा रवैये और दोहरे मापदंडों पर सवाल

नितिन नवीन ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के दोहरे रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि उनका यह पाखंडी चरित्र किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब यही चुनावी प्रक्रिया और व्यवस्था केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में इन दलों को चुनावी जीत दिलाती है, तब वे इसकी पारदर्शिता और विश्वसनीयता को पूरी सहजता के साथ स्वीकार कर लेते हैं। लेकिन जैसे ही चुनावी परिणाम या जनादेश अन्य किसी राज्य में उनके प्रतिकूल जाता है, वे तुरंत उन्हीं संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाने लगते हैं जो इन चुनावों को सफलतापवक संपन्न कराती हैं। भाजपा प्रमुख ने इस बात पर विशेष बल दिया कि लोकतंत्र में अपनी पसंद का चुनिंदा सम्मान स्वीकार्य नहीं हो सकता और राजनीतिक दलों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति ईमानदार रहना चाहिए।

चुनावी राजनीति और आयोग का स्पष्टीकरण

उन्होंने आगे कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के भीतर चुनावी मैदान में हार और जीत दोनों ही एक बहुत ही स्वाभाविक और निरंतर चलने वाला हिस्सा हैं। लेकिन अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए सम्मानित संवैधानिक संस्थाओं की साख और विश्वसनीयता को कमजोर करने की मंशा से किसी भी तरह के दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार का सहारा लेना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए जा रहे गंभीर आरोपों और एसआईआर को लेकर देश भर में चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच चुनाव आयोग ने आज अपना स्पष्ट रुख देश के सामने रखा था। चुनाव आयोग ने चुनाव आयुक्तों की असहमति विवाद पर बिंदुवार स्पष्टीकरण जारी किया है ताकि जनता के बीच किसी भी प्रकार का भ्रम न रहे।

निर्वाचन सदन की बैठक और फैसले

भारत निर्वाचन आयोग के महानिदेशक (मीडिया) आशीष गोयल ने इस संबंध में आधिकारिक बयान मीडिया के सामने रखा। उन्होंने बताया कि 26 सितंबर 2026 को दोपहर ठीक 3:00 बजे नई दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में निर्वाचन आयोग की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में आयोग ने पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण से संबंधित जितने भी निर्णय लिए गए हैं, वे सभी मौजूदा कानूनी प्रावधानों का कड़ाई से पालन करते हुए तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से ही तय किए गए थे। आयोग की इस आधिकारिक और स्पष्ट घोषणा के बाद से विपक्ष के उन सभी दावों की हवा निकल गई है जिनमें प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए जा रहे थे।

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सवाल-जवाब

नितिन नवीन ने कांग्रेस पार्टी पर क्या मुख्य आरोप लगाया?
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर हमला करने के लिए अपने आरोपों का आधार एक मनगढ़ंत झूठ को बनाया है।
चुनाव आयोग ने अपने आधिकारिक बयान में क्या स्पष्ट किया है?
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि एसआईआर से जुड़े सभी निर्णय तीनों निर्वाचन आयुक्तों की सर्वसम्मति और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए लिए गए हैं।
मतदाता पंजीकरण के फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को किसने बरकरार रखा है?
मतदाता पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है।
चुनाव आयोग की उच्चस्तरीय बैठक कब और कहां आयोजित हुई थी?
भारत निर्वाचन आयोग की बैठक 26 सितंबर 2026 को दोपहर 3:00 बजे नई दिल्ली के निर्वाचन सदन में हुई थी।
इस संबंध में चुनाव आयोग का आधिकारिक बयान किसने जारी किया?
भारत निर्वाचन आयोग के महानिदेशक (मीडिया) आशीष गोयल ने यह आधिकारिक बयान जारी किया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·30 दिन पहले

संस्थाओं पर इस तरह के राजनीतिक हमले से देश का लोकतंत्र कमजोर होता है। हार-जीत अपनी जगह है, पर आयोग पर ऐसे बेबुनियाद आरोप लगाना गलत है।

Rohan Verma@rohan-verma·30 दिन पहले

केरल-तमिलनाडु में जीत पर चुप रहने वाले हारते ही सवाल क्यों उठाने लगते हैं?

Priya Sharma@priya-sharma·30 दिन पहले

रोहन, बात तो सही है आपकी, पर क्या सिर्फ हार-जीत का ही मामला है? चुनाव आयोग पर सवाल उठना तो तब भी गलत है जब कोई जीते।

Ravikash Gupta@ravikash·30 दिन पहले

चुनाव के वक्त ऐसी बयानबाज़ी बहुत आम हो गई है। जब मैं खुद पिछले साल एक चुनावी राज्य में था, तब भी नेताओं को ऐसे ही एक-दूसरे पर इल्जाम लगाते देखा था। हार-जीत अपनी जगह है, पर संस्थाओं को बीच में घसीटना ठीक नहीं लगता।

Karan Malhotra@karan-malhotra·30 दिन पहले

रविकेश जी, आपकी बात बिल्कुल सही है। जब मैं पिछले साल एक अदालत के बाहर चुनावी मामलों की कवरेज कर रहा था, तब भी नेताओं को ऐसे ही आरोप-प्रत्यारोप लगाते सुना था। संस्थाओं को खींचना गलत है।

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