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केरल के 38 वार्डों के उपचुनाव में वीडी सतीशन और यूडीएफ की साख दांव पर, क्या मई की जीत साबित होगी?राजनीति
28 सित॰ 2026, 1:02 pm (29 दिन पहले)· 1

केरल के 38 वार्डों के उपचुनाव में वीडी सतीशन और यूडीएफ की साख दांव पर, क्या मई की जीत साबित होगी?

केरल के 12 जिलों में 38 स्थानीय निकाय वार्डों के लिए आज मतदान हो रहा है, जो नई सरकार के गठन के बाद पहला बड़ा चुनावी परीक्षण है। इन परिणामों से यह स्पष्ट होगा कि कुछ महीने पहले मिली शानदार सफलता का असर जमीनी स्तर पर बरकरार है या नहीं।

केरल की राजनीति में एक बार फिर सरगर्मी तेज हो गई है क्योंकि राज्य के भीतर स्थानीय निकायों के उपचुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और उनके गठबंधन यूडीएफ के लिए यह मुकाबला काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि चार महीने पहले विधानसभा चुनावों में भारी बहुमत हासिल करने के बाद यह उनका पहला बड़ा चुनावी इम्तिहान है। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बात पर टिकी है कि जनता का यह रुख केवल एक तात्कालिक लहर थी या फिर कांग्रेस के पक्ष में मजबूत जनाधार तैयार हुआ है।

बारह जिलों में फैला चुनावी मैदान

इस चरण के तहत कुल बारह जिलों के अड़तीस स्थानीय वार्डों में मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, हालांकि इस सूची में कोल्लम और अलप्पुझा को शामिल नहीं किया गया है। चुनाव आयोग के अनुसार इस प्रक्रिया में दो कॉर्पोरेशन वार्ड, तीन नगरपालिका वार्ड, तीन जिला पंचायत वार्ड, सात ब्लॉक पंचायत वार्ड और तेईस ग्राम पंचायत वार्ड शामिल हैं। इन सभी सीटों पर कुल एक सौ छब्बीस उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

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सीटों का पुराना समीकरण और पार्टियों की रणनीतियां

मुकाबले में उतरी इन अड़तीस सीटों में से पहले ही बाईस स्थानों पर यूडीएफ का कब्जा था, जबकि पंद्रह वार्ड एलडीएफ के नियंत्रण में थे। वामपंथी गठबंधन के सामने इन चुनावों के जरिए अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की चुनौती है। दूसरी तरफ भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन भी इन क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है। सभी प्रमुख दलों के लिए यह चुनाव जनता के मूड को भांपने का एक बड़ा माध्यम बन गया है।

बिजली संकट और मंत्रियों के दौरों पर गर्माई सियासत

प्रचार के दौरान विपक्षी दलों ने राज्य में बिजली की किल्लत के मुद्दों के साथ-साथ मुख्यमंत्री के हवाई सफर और अन्य मंत्रियों के विदेश दौरों से जुड़े विवादों को जोर-शोर से उठाया। इसके जवाब में सत्ताधारी दल ने अपनी कल्याणकारी नीतियों का हवाला दिया, जिसमें विशेष रूप से प्रियदर्शिनी योजना का जिक्र किया गया। इस प्रकार स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ शासन की कार्यप्रणाली पर भी बहस छिड़ी रही।

मतदान और नतीजों का पूरा कार्यक्रम

सोमवार को सुबह सात बजे से शुरू हुआ मतदान शाम छह बजे तक जारी रहा। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मतों की गिनती मंगलवार उनैस सितंबर को सुबह दस बजे से शुरू होगी और दोपहर तक सभी नतीजे सामने आने की उम्मीद है। हालांकि इन परिणामों से पूरे राज्य की राजनीति की दशा पूरी तरह तय नहीं होगी, लेकिन यह जरूर स्पष्ट हो जाएगा कि जमीनी स्तर पर राजनीतिक समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

सवाल-जवाब

केरल के कितने जिलों में उपचुनाव हो रहे हैं?
उपचुनाव राज्य के कुल 12 जिलों में आयोजित किए जा रहे हैं।
इस चरण में कुल कितने वार्डों पर वोट डाले जा रहे हैं?
राज्य के 38 स्थानीय निकाय वार्डों के लिए मतदान हो रहा है।
मतदान कब शुरू हुआ और कब समाप्त हुआ?
मतदान सोमवार सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक चला।
मतगणना किस दिन होगी?
मतों की गिनती मंगलवार 29 सितंबर को सुबह 10 बजे से शुरू होगी।
चुनाव मैदान में कुल कितने उम्मीदवार हैं?
इन 38 वार्डों में कुल 126 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
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टिप्पणियाँ 5

Amit Patel@amit-patel·28 दिन पहले

केरल के इन वार्डों में जब पिछली बार चुनाव कवरेज के सिलसिले में जाना हुआ था, तो ग्राउंड पर मूड काफ़ी अलग था। अब देखना होगा कि कल आने वाले नतीजों में जनता का रुख क्या रहता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·28 दिन पहले

इन वार्ड उपचुनावों से सरकार की लोकप्रियता का सही अंदाज़ा लगाना थोड़ा मुश्किल है, लोकल चुनाव के मुद्दे अलग होते हैं।

Michael Anderson@michael-anderson·28 दिन पहले

करण, बात तो सही है कि लोकल चुनाव अलग मुद्दों पर होते हैं, पर क्या इन नतीजों से विपक्षी दलों को थोड़ा भी हौसला मिलेगा?

Rohan Verma@rohan-verma·28 दिन पहले

चाहे चुनाव पंचायत का हो या विधानसभा का, नतीजे आने से पहले धड़कनें सबकी तेज ही रहती हैं। कल आने वाले परिणामों से पता चल जाएगा कि जनता का मूड बदला है या वही पुराना हिसाब है।

Ravikash Gupta@ravikash·28 दिन पहले

रोहन भाई, धड़कनें वाकई तेज होती हैं, पर मुझे नहीं लगता कि इन 38 वार्डों से जनता का कोई बड़ा मूड बदलने वाला है।

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