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महिला सांसदों से विवाद के बाद तृणमूल नेता कल्याण बनर्जी मानसून सत्र से बाहरराजनीति
22 जुल॰ 2026, 3:35 pm (97 दिन पहले)· 0

महिला सांसदों से विवाद के बाद तृणमूल नेता कल्याण बनर्जी मानसून सत्र से बाहर

लोकसभा में बागी महिला नेताओं के साथ तीखी नोकझोंक और असंसदीय भाषा के इस्तेमाल के आरोप में टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी को वर्तमान सत्र की शेष कार्यवाही से निलंबित कर दिया गया है।

लोकसभा की कार्यवाही के दौरान बुधवार को एक बड़ा हंगामा देखने को मिला जिसके परिणामस्वरूप तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। महिला राजनेताओं के प्रति अनुचित व्यवहार और अमर्यादित भाषा के प्रयोग के गंभीर आरोपों के चलते उन्हें मौजूदा मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए सदन से पूरी तरह से निलंबित कर दिया गया है।

निलंबन की यह सख्त कार्रवाई निचले सदन के भीतर हुए एक भारी हंगामे के बाद की गई। विपक्ष के भारी शोरगुल के कारण जब सदन की कार्यवाही को कुछ समय के लिए रोका गया था, तभी अंदर एक तीखी बहस छिड़ गई। इस विवाद के केंद्र में बनर्जी और वे तीन महिला सांसद थीं जिन्होंने हाल ही में अपना राजनीतिक पाला बदल लिया था।

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बागी सांसदों के साथ तीखी नोकझोंक

इस गंभीर विवाद में मुख्य रूप से मिताली बाग, शताब्दी रॉय और काकोली घोष दस्तीदार शामिल थीं। ये तीनों नेता पहले तृणमूल कांग्रेस का ही हिस्सा हुआ करती थीं, लेकिन हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच वे नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल हो गई हैं। सदन की कार्यवाही रुकने के ठीक बाद हालात बेकाबू हो गए और पुरानी राजनीतिक दुश्मनी सतह पर आ गई।

टीएमसी के दिग्गज नेता इन बागी सांसदों के साथ बुरी तरह उलझ गए। शिकायतों के अनुसार यह जुबानी जंग बेहद व्यक्तिगत स्तर पर पहुंच गई थी, जिसमें बनर्जी ने कथित तौर पर एक विद्रोही नेता को "चोर" तक कह डाला। इस अचानक हुए विवाद की असली जड़ क्या थी, यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका। हालांकि स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई थी कि विपक्ष के कई अन्य नेताओं को बीच में आकर मामला शांत कराना पड़ा।

जब कुछ साथी सदस्यों ने बनर्जी से घटना के बारे में पूछा कि आखिर वहां क्या हुआ था, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और वे बिना कुछ कहे सीधे लोकसभा कक्ष से बाहर निकल गए।

शिकायत के बाद स्पीकर का सख्त एक्शन

घटना के बाद नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया की महिला सांसदों ने मामले को गंभीरता से लिया। मिताली बाग, काकोली घोष दस्तीदार और उनके दल के अन्य सदस्य सीधे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कक्ष में पहुंचे और इस दुर्व्यवहार की कड़ी शिकायत की। अध्यक्ष ने सभी पीड़ित सदस्यों की बात सुनी और उनसे पूरी घटना का लिखित ब्योरा जमा करने को कहा।

दो बार के स्थगन के बाद जब दोपहर दो बजे सदन का कामकाज दोबारा शुरू हुआ तो सबसे पहले इसी मुद्दे को उठाया गया। पीठासीन सभापति कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी ने सभी सदस्यों को सूचित किया कि अध्यक्ष के कार्यालय को महिला सांसदों के खिलाफ इस्तेमाल की गई असंसदीय टिप्पणियों की आधिकारिक लिखित शिकायत मिल चुकी है।

पीठासीन अधिकारी ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा, "यह सदन की गरिमा के विरुद्ध है। सांसद का यह व्यवहार बहुत आपत्तिजनक है।" इसके तुरंत बाद संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक औपचारिक प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव में अमर्यादित आचरण करने वाले सांसद को वर्तमान सत्र के बचे हुए पूरे समय के लिए निलंबित करने की मांग की गई थी।

सदन में मौजूद सदस्यों ने ध्वनिमत से इस प्रस्ताव का भरपूर समर्थन किया। प्रस्ताव पारित होते ही सभापति तेन्नेटी ने निलंबित नेता को तुरंत सदन के बाहर जाने का स्पष्ट आदेश दे दिया।

बंगाल की राजनीति में बढ़ती दरार

संसद के भीतर हुआ यह हाई वोल्टेज ड्रामा पश्चिम बंगाल में चल रही भारी राजनीतिक खींचतान का सीधा नतीजा माना जा रहा है। राज्य के हालिया विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस गहरे आतंरिक संकट से गुजर रही है। पार्टी नेतृत्व से नाराज होकर लगभग बीस सांसदों ने बगावत का झंडा बुलंद कर दिया था और वे सभी औपचारिक रूप से नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया का हिस्सा बन गए थे।

ये सभी बागी नेता अब लोकसभा में अपनी पुरानी पार्टी से बिल्कुल अलग बैठते हैं। उन्होंने खुले मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार को अपना पूर्ण समर्थन देने का भी ऐलान किया है।

दूसरी तरफ कल्याण बनर्जी अब भी ममता बनर्जी और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सबसे वफादार तथा मुखर नेताओं में गिने जाते हैं। यही वजह है कि पुराने साथियों और पार्टी के वफादारों के बीच इस तरह की राजनीतिक कड़वाहट अब संसद के गलियारों में भी साफ नजर आने लगी है।

सवाल-जवाब

कल्याण बनर्जी को लोकसभा से क्यों निलंबित किया गया?
उन्हें लोकसभा में महिला सांसदों के खिलाफ असंसदीय भाषा का उपयोग करने और उनके साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप में निलंबित किया गया है।
उनका किन नेताओं के साथ विवाद हुआ था?
उनका विवाद एनसीपीआई की महिला सांसदों मिताली बाग, शताब्दी रॉय और काकोली घोष दस्तीदार के साथ हुआ था, जो पहले टीएमसी में थीं।
कल्याण बनर्जी को कितने समय के लिए निलंबित किया गया है?
उन्हें मौजूदा मानसून सत्र की शेष अवधि तक के लिए लोकसभा की कार्यवाही से बाहर कर दिया गया है।
एनसीपीआई की महिला सांसदों ने किससे शिकायत की?
उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कक्ष में जाकर घटना की शिकायत की, जिसके बाद अध्यक्ष ने उनसे पूरी घटना का लिखित ब्योरा मांगा।
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