कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कुछ समय पहले हुई INDIA गठबंधन की बैठक में विपक्षी खेमे के सामने खड़ी मुश्किलों को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। इसी दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी, टीएमसी और राजद जैसे अपने साथी दलों पर भी सीधा निशाना साधा और इन पर भ्रम में जीने का आरोप मढ़ा। राहुल गांधी ने बैठक में यह भी कहा कि उनका जिम्मा तो भगवान शिव की तरह विष को पी जाने का है।
कांग्रेस का संगठन बाकी दलों से बुनियादी तौर पर जुदा
बैठक में राहुल गांधी ने सहयोगी दलों को संबोधित करते हुए कहा- "आज कांग्रेस पार्टी को लेकर जो कुछ कहा गया, उसका जवाब देना मेरा काम नहीं है। मेरा काम तो शैव परंपरा की तरह सब कुछ पी जाना है। नीलकंठ (शिव) का भाव, जो सारा विष अपने भीतर समेट लेते हैं। आप जो भी कहना चाहें, मुझ पर या कांग्रेस पार्टी पर जो भी आलोचना करनी हो, हम उसे स्वीकार करेंगे, और वह भी हंसी-खुशी, चेहरे पर मुस्कान बनाए रखते हुए। ऐसा इसलिए, क्योंकि हमारी भूमिका दूसरी है। हमारी भूमिका तो आप सबको प्यार और स्नेह के साथ एक मंच पर लाने की है।" राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस का ढांचा भारत के बाकी सभी दलों से मूल रूप से अलग है, क्योंकि यह पार्टी उस समय एक प्रतिरोध आंदोलन के रूप में जन्मी थी, जब आधुनिक भारत का वजूद तक नहीं था।
सपा, टीएमसी, राजद वगैरह भ्रम में जी रहे- राहुल
राहुल गांधी ने कहा- "मुझे यह कहते हुए तकलीफ हो रही है कि इस समूह के भीतर एक भ्रम पल रहा है। भ्रम यह है कि आप- सपा, टीएमसी, राजद वगैरह- यह मान बैठे हैं कि अब तक जिन राजनीतिक तौर-तरीकों का इस्तेमाल आपने किया, वे आगे भी कारगर रहेंगे। वे तरीके तभी तक काम करते थे, जब भारतीय राज्य उन्हें बराबरी का और निष्पक्ष मैदान मुहैया कराता था। वह माहौल अब बचा ही नहीं है।" इसी क्रम में राहुल गांधी ने भाजपा पर संस्थाओं को अपने कब्जे में लेने का आरोप भी लगाया। उन्होंने आगे कहा- टीएमसी में मेरे कई दोस्त हैं। उन्हें पूरा भरोसा था कि वे चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करेंगे। मैं बार-बार उनसे कहता रहा कि आप एक काल्पनिक दुनिया में जी रहे हैं। इसके बावजूद आज भी बहुत से लोग इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे।
नीतीश कुमार के अलग होने के पीछे कांग्रेस नहीं- राहुल
राहुल गांधी ने INDIA गठबंधन की बैठक में साथी दलों से कहा- "आपसे लड़ने में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है। अगर मैं अचानक खड़ा होकर यह कहूं कि मैं आपसे लड़ने जा रहा हूं, तो मुझे पागल ही कहा जाएगा- क्योंकि आप हमारे सहयोगी हैं, आप हमारे दोस्त हैं, आप वही लोग हैं जिनसे हमें स्नेह है। हम 2024 का चुनाव हारे नहीं थे। आप पूछते हैं कि नीतीश जी क्यों चले गए, तो इसकी वजह न मैं था और न कांग्रेस। आखिरकार मुझे लगता है कि हमारी बातचीत में अक्सर निराशा झलक जाती है। लोग सोचने लगते हैं- हे भगवान, हम भाजपा को कैसे हराएंगे? मैं आपको साफ बता दूं, अगर हम एकजुट होकर उनके सामने खड़े हों तो उन्हें हराना मुश्किल नहीं है।"













