चांदी में बड़ी तकनीकी गिरावट से $60 का स्तर बना अहम, जानिए बाजार का पूरा विश्लेषणराघोपुर में बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे के दौरान तेजस्वी यादव की बोट में रिसाव, निजी नाव के जरिए सुरक्षित बचाए गएराजस्थान में एसआई और प्लाटून परीक्षा की नई तारीख घोषित, इस दिन होगा एग्जामब्रिक्स पर पी. चिदंबरम के बयान पर गरमाई सियासत, गौरव वल्लभ ने गिनाए देश को मिले 5 बड़े लाभअमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ब्रॉडकास्ट विज्ञापन दरों के विवाद में रिपब्लिकंस के पक्ष में आया फैसलापंजाब चुनाव के लिए कांग्रेस का रोडमैप जारी, सचिन पायलट बोले बिना सीएम चेहरे के उतरेगी पार्टीभारत मंडपम में सजेगा वैश्विक मंच: शी जिनपिंग और पुतिन समेत दिग्गजों की मौजूदगी में शुरू होगा ब्रिक्स सम्मेलनअहमदाबाद में इंडिगो की फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग, क्रू मेंबर को कागज पर लिखा मिला था 'Bomb'मेघालय में शिक्षा नीतियों पर विवाद के बीच वॉइस ऑफ द पीपल्स पार्टी ने आयुक्त विजय कुमार मंत्री को हटाने की मांग कीभीलवाड़ा के किसानों के लिए मुर्गी पालन में बंपर मुनाफे का फॉर्मूला, बेहतर ग्रोथ के लिए दाने के साथ पानी भी जरूरी
सुवेंदु अधिकारी का अचानक दिल्ली दौरा, टीएमसी के 20 बागी सांसदों से मुलाकात से बंगाल की सियासत में हलचलराजनीति
27 जुल॰ 2026, 11:26 pm (45 दिन पहले)· 4

सुवेंदु अधिकारी का अचानक दिल्ली दौरा, टीएमसी के 20 बागी सांसदों से मुलाकात से बंगाल की सियासत में हलचल

पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है क्योंकि सुवेंदु अधिकारी दिल्ली पहुंच रहे हैं और टीएमसी के 20 बागी सांसदों से मुलाकात करने वाले हैं।

पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर गर्माहट आ गई है। सुवेंदु अधिकारी का अचानक दिल्ली पहुंचना और तृणमूल कांग्रेस के करीब बीस बागी सांसदों से मिलने की योजना बनाना कोई सामान्य शिष्टाचार भेंट नहीं है, बल्कि यह बंगाल के राजनीतिक समीकरणों में एक बड़े बदलाव की आहट है। दिल्ली स्थित बंग भवन में कल होने वाली इस बैठक के पीछे का औपचारिक कारण भले ही सांसद निधि का उचित उपयोग और संसद के मानसून सत्र में पश्चिम बंगाल के विकास से जुड़े मामलों को सामने रखना बताया जा रहा हो, लेकिन इसके राजनीतिक निहितार्थ बहुत दूरगामी हैं। सुवेंदु अधिकारी इस रणनीति के जरिए इन बागी सांसदों के सहारे राज्य के अहम हिस्सों तक केंद्र की योजनाओं को सीधा पहुंचाना चाहते हैं और सत्तारूढ़ दल के गढ़ माने जाने वाले इलाकों में एक मजबूत समानांतर ताकत का आधार तैयार करना चाहते हैं।

इस पूरी कवायद के माध्यम से सुवेंदु अधिकारी विद्रोही सांसदों के साथ एक ठोस तालमेल कायम करना चाहते हैं, जिससे उन सांसदों को भी यह विश्वास मिल सके कि दिल्ली और राज्य के स्तर पर उनका राजनीतिक भविष्य सुरक्षित हाथों में है। हालांकि, इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद से तृणमूल कांग्रेस के भीतर बेचैनी काफी बढ़ गई है। पार्टी के प्रमुख नेताओं जैसे अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी और महुआ मोइत्रा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर इन असंतुष्ट सांसदों के खिलाफ दलबदल विरोधी कानून के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की पुरजोर मांग की है।

ये भी पढ़ें

संसद के निचले सदन में इन बागी सांसदों को अलग बैठने की व्यवस्था तो दे दी गई है, लेकिन किसी औपचारिक दल-विलीनकरण या एक स्वतंत्र और नए गुट के रूप में मान्यता मिलने पर अभी फैसला आना बाकी है। ऐसे अत्यंत संवेदनशील और राजनीतिक रूप से नाजुक समय में सुवेंदु अधिकारी का राजधानी आकर इन सांसदों के साथ बैठक करना इस बात को पूरी तरह उजागर करता है कि भारतीय जनता पार्टी और विरोधी खेमा तृणमूल कांग्रेस को घेरने के लिए किसी भी अवसर को अपने हाथ से जाने नहीं देना चाहते हैं, चाहे वह राज्य का धरातल हो या दिल्ली के सियासी गलियारे।

सवाल-जवाब

सुवेंदु अधिकारी का दिल्ली दौरा क्यों चर्चा में है?
उनका यह दौरा टीएमसी के करीब 20 बागी सांसदों से संभावित मुलाकात को लेकर चर्चा में है।
बैठक का आधिकारिक एजेंडा क्या बताया गया है?
आधिकारिक एजेंडा सांसद निधि के सही इस्तेमाल और मानसून सत्र में बंगाल के विकास मुद्दों को उठाना है।
टीएमसी के किन नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की है?
अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी और महुआ मोइत्रा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की है।
टीएमसी ने बागी सांसदों के खिलाफ क्या मांग की है?
टीएमसी ने दलबदल विरोधी कानून के तहत इन बागी सांसदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR