लद्दाख के द्रास में आयोजित कारगिल विजय दिवस के एक कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पड़ोसी देश पाकिस्तान पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने साफ शब्दों में स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में कभी भी दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बातचीत की कोई गुंजाइश बनती है, तो वह केवल पाक अधिकृत कश्मीर के मुद्दे पर ही होगी। रक्षा मंत्री ने दृढ़ता से कहा कि यह क्षेत्र भारत का एक अभिन्न अंग है और इस पर पाकिस्तान का वर्तमान नियंत्रण पूरी तरह से अवैध है।
सेना और आतंकवादियों के बीच खत्म होता अंतर
अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने पाकिस्तानी सेना और वहां सक्रिय आतंकवादी संगठनों के बीच के अपवित्र गठजोड़ की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां की सेना आतंकवादियों को हर संभव मदद और संरक्षण प्रदान करती है। रक्षा मंत्री के अनुसार, अब पाकिस्तान में सेना और आतंकियों के बीच का अंतर पूरी तरह से खत्म हो चुका है और दोनों मिलकर काम कर रहे हैं।
दोनों देशों की प्राथमिकताओं में जमीन-आसमान का अंतर
दोनों देशों की विकास यात्राओं की तुलना करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत और पाकिस्तान की प्राथमिकताओं में बहुत बड़ा अंतर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत आज बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर स्थापित करने में लगा हुआ है, जबकि पाकिस्तान केवल कट्टरपंथ के केंद्र विकसित करने में जुटा है। उन्होंने आगे कहा कि जहां एक तरफ भारत आधुनिक जहाजों के डिजाइन और उन्नत तकनीकों पर काम कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान केवल आतंकवाद के नए डिजाइन तैयार करने में अपनी ऊर्जा लगा रहा है। इसके अलावा, भारत अपने देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार कर रहा है, जबकि पाकिस्तान आतंक का ढांचा मजबूत करने में लगा है।
तकनीकी प्रगति बनाम विनाशकारी नीतियां
पाकिस्तान की विनाशकारी नीतियों पर तीखा प्रहार जारी रखते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत आज सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ा रहा है, जबकि पड़ोसी देश केवल आत्मघाती बमों के निर्माण में व्यस्त है। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत का मुख्य ध्यान आधुनिक तकनीक, इनोवेशन, मजबूत उद्योग और समग्र आर्थिक विकास पर केंद्रित है, वहीं पाकिस्तान लगातार आतंकवाद और कट्टरता के विनाशकारी रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
सीमा पार आतंकवाद पर भारत का कड़ा रुख
रक्षा मंत्री का यह कड़ा बयान ऐसे समय में आया है जब भारत सीमा पार से होने वाली आतंकवादी गतिविधियों को लेकर लगातार अत्यंत सख्त और कड़ा रुख अपनाए हुए है। पाक अधिकृत कश्मीर पर भारत की मजबूत स्थिति को एक बार फिर दोहराते हुए राजनाथ सिंह ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि भविष्य में पाकिस्तान के साथ होने वाली किसी भी वार्ता में इस विवादित क्षेत्र का मुद्दा सबसे प्रमुख रहने वाला है।



















