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सैनिक स्कूलों में आरएसएस के दखल पर रक्षा समिति में हंगामा, राहुल गांधी के दावों पर सुधांशु त्रिवेदी ने मांगे दस्तावेजराजनीति
4 अग॰ 2026, 6:36 pm (47 दिन पहले)· 1

सैनिक स्कूलों में आरएसएस के दखल पर रक्षा समिति में हंगामा, राहुल गांधी के दावों पर सुधांशु त्रिवेदी ने मांगे दस्तावेज

रक्षा मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में सैनिक स्कूलों के संचालन को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोपों पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने आपत्ति जताई और सबूत पेश करने की मांग की।

संसद की रक्षा मामलों की स्थायी समिति की एक उच्चस्तरीय बैठक उस समय राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गई, जब देश के सैनिक स्कूलों के प्रबंधन और संचालन को लेकर गंभीर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ। बैठक में शामिल विपक्षी नेताओं ने सीधे तौर पर यह दावा किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठन शिक्षण संस्थानों के इस खास ढांचे पर अपना नियंत्रण स्थापित कर रहे हैं। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिससे कुछ पलों के लिए माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।

सबूत पेश करने की उठी मांग

बैठक की कार्यवाही के दौरान जब यह तीखा मुद्दा उठा, तो समिति के अध्यक्ष राधा मोहन सिंह ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने राहुल गांधी को स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि उनके पास इस दावे के समर्थन में कोई पुख्ता दस्तावेज या तथ्यात्मक सबूत मौजूद हैं, तो वे उन्हें आधिकारिक तौर पर समिति के समक्ष प्रस्तुत करें। अध्यक्ष ने यह भी आश्वस्त किया कि जैसे ही ये दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे, उन्हें आगे की उचित कार्रवाई के लिए संबंधित मंत्रालय के पास भेज दिया जाएगा ताकि इन गंभीर आरोपों की गहराई से जांच हो सके।

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सुधांशु त्रिवेदी का तीखा सवाल

इस पूरे घटनाक्रम में भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए राहुल गांधी से सीधे सवाल किया कि वे किस आधार पर ऐसे दावे कर रहे हैं। उन्होंने पूछा कि इस बात का क्या प्रमाण है कि इन शैक्षणिक संस्थानों में किसी विशेष संगठन का प्रभाव बढ़ाया जा रहा है। इस तीखे सवाल के बाद बैठक कक्ष में सत्ता पक्ष और कांग्रेस पार्टी के सदस्यों के बीच जुबानी जंग छिड़ गई। भाजपा के अन्य सांसदों ने भी यह तर्क दिया कि पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत जिन नई संस्थाओं को स्कूलों के संचालन की जिम्मेदारी दी गई है, उनका किसी भी बाहरी संगठन से कोई लेना-देना नहीं है।

अध्यक्ष के हस्तक्षेप से शांत हुआ मामला

बढ़ते हुए तनाव को भांपते हुए समिति के अध्यक्ष राधा मोहन सिंह ने एक बार फिर मोर्चा संभाला और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि संसदीय समिति किसी भी अनौपचारिक दावे या आरोप पर सीधे फैसला नहीं ले सकती, बल्कि हर बात की कसौटी तथ्य और दस्तावेज होते हैं। अध्यक्ष के इस स्पष्टीकरण और हस्तक्षेप के बाद माहौल कुछ शांत हुआ और समिति की आगे की निर्धारित कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाया गया।

मीडिया के सवालों पर क्या बोले राहुल गांधी

जब यह महत्वपूर्ण बैठक समाप्त हुई और राहुल गांधी बाहर निकले, तो वहां मौजूद पत्रकारों ने उनसे अंदर हुई चर्चा और विवाद के बारे में जानने की कोशिश की। हालांकि, उन्होंने मीडिया के सामने भीतर की किसी भी बात का खुलासा करने से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने केवल इतना कहकर बात टाल दी कि उन्हें संसदीय बैठक की मर्यादा के तहत अंदर हुई चर्चा को सार्वजनिक करने की अनुमति नहीं है। इसके बाद वे बिना कोई और टिप्पणी किए अपने अगले निर्धारित कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए, जबकि समिति की बाकी बैठक जारी रही।

पीपीपी मॉडल और संस्थानों की भूमिका

बैठक की आंतरिक चर्चाओं में इस बात पर भी विस्तार से विचार किया गया कि पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल के जरिए चलाए जा रहे नए सैनिक स्कूलों की पूरी सूची की समीक्षा की जानी चाहिए। शुरुआती जानकारियों के अनुसार, देश भर में लगभग सत्तर ऐसे सैनिक स्कूल हैं जिनका संचालन विद्या भारती और सरस्वती शिशु मंदिर सहित विभिन्न सामाजिक व शैक्षणिक संगठनों को सौंपा गया है। हालांकि इन संस्थाओं के वैचारिक झुकाव और संघ के साथ संबंधों को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन समिति के अध्यक्ष ने साफ कर दिया है कि किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी उपलब्ध तथ्यों की गहन जांच की जाएगी।

सवाल-जवाब

रक्षा मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में मुख्य विवाद किस बात पर हुआ?
बैठक में मुख्य विवाद सैनिक स्कूलों के संचालन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोगों द्वारा इन स्कूलों का कथित तौर पर टेकओवर करने के आरोपों को लेकर हुआ।
समिति के अध्यक्ष राधा मोहन सिंह ने राहुल गांधी से क्या अपेक्षा जताई?
अध्यक्ष ने कहा कि यदि राहुल गांधी के पास अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेज या तथ्य हैं, तो वे उन्हें समिति के सामने रखें।
बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने बैठक में क्या सवाल उठाया?
सुधांशु त्रिवेदी ने सवाल किया कि सैनिक स्कूलों में आरएसएस का प्रभाव बढ़ने का आरोप किस आधार पर लगाया जा रहा है।
पीपीपी मॉडल के तहत कितने सैनिक स्कूलों के संचालन की बात सामने आई है?
सूत्रों के अनुसार, लगभग 70 सैनिक स्कूलों का संचालन विभिन्न संस्थाओं को सौंपा गया है।
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