नई दिल्ली में संसद के भीतर बने गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में राजनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं. इसी सिलसिले में केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की है. लगभग 50 मिनट तक चली इस उच्चस्तरीय बैठक में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी भी मौजूद रहीं. उल्लेखनीय है कि पिछले 10 दिनों के भीतर दोनों प्रमुख नेताओं के बीच यह दूसरी बैठक थी. सरकार की ओर से सदन के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने की कवायद के तहत यह कदम उठाया गया है, जिसमें परिसीमन से जुड़े विधेयक पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया गया.
परिसीमन बिल पर चर्चा और कांग्रेस का रुख
बैठक के दौरान परिसीमन बिल पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ. सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू अपना पूरा एजेंडा लेकर पहुंचे थे, जिसमें परिसीमन से जुड़ा प्रस्ताव सबसे ऊपर था. कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने परिसीमन के मुद्दे पर अपनी पार्टी की स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का नजरिया इस विषय पर पहले से ही जगजाहिर है. हालांकि, यदि सरकार इस विधेयक में आवश्यक संशोधन या बदलाव करने का प्रस्ताव सामने रखती है, तो उस पर आगे सकारात्मक चर्चा की जा सकती है. सरकार चाहती है कि इस संवेदनशील और महत्वपूर्ण विधेयक पर व्यापक सहमति बने ताकि इसे संसद में दोबारा पेश किया जा सके.
विपक्ष की तीन प्रमुख मांगें और बना हुआ गतिरोध
परिसीमन विधेयक के अलावा, बातचीत में विपक्ष की अन्य मांगें भी प्रमुखता से उठाई गईं. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयान पर संसद में चर्चा कराने का मुद्दा फिर से दोहराया. इसके साथ ही, उन्होंने छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग रखी. विपक्ष की ओर से तीसरा मुख्य मुद्दा राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी से जुड़ा रहा. कांग्रेस का कहना है कि इन तीनों अहम विषयों पर सरकार की तरफ से अब तक कोई ठोस आश्वासन या सहमति नहीं मिल सकी है, जिसके कारण इन मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच गतिरोध अभी भी बना हुआ है.
अन्य विपक्षी दलों के साथ भी संवाद जारी
संसदीय गतिरोध को दूर करने के लिए सरकार केवल मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस तक ही सीमित नहीं है. आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार अन्य विपक्षी दलों के नेताओं से भी लगातार बातचीत कर रही है. सरकार की रणनीति यह है कि परिसीमन विधेयक जैसे बड़े मुद्दे पर ज्यादा से ज्यादा राजनीतिक दलों को एक मंच पर लाया जाए. इस व्यापक संवाद प्रक्रिया के तहत ही राहुल गांधी के साथ किरेन रिजिजू की इस 50 मिनट लंबी बैठक को एक बहुत ही महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है.
सकारात्मक चर्चा के बाद आगे की राह
बैठक के समापन के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया के सामने बातचीत के नतीजों पर संतोष व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बहुत ही रचनात्मक वातावरण में बातचीत हुई है. किरेन रिजिजू ने अपने बयान में कहा, "हमारे बीच अच्छी चर्चा हुई और मैं आशावादी हूं." 10 दिनों के भीतर हुई इन दो बैठकों के बाद अब राजनीतिक गलियारों में इस बात की उत्सुकता है कि क्या आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच सहमति का कोई ठोस रास्ता निकल पाएगा और क्या संसद का कामकाज सामान्य हो सकेगा.



















