अरुणाचल सीमा विवाद पर बीजिंग की प्रतिक्रिया, भारत से सहयोग की अपीलदमदार निखार के लिए क्या खाएं, डॉक्टर जश्या सरीन ने बताए स्किन फ्रेंडली फूड्सआरबीएनजेड की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों के बीच फिसला न्यूजीलैंड डॉलरलाहौर जेल में बंद इमरान खान की तीनों बहनों की हिरासत पंजाब प्रशासन ने 30 दिनों के लिए बढ़ाईगुजरात में शुरू हुई निम्रत कौर आहूवालिया की नई शूटिंग, शेयर की खास तस्वीरकुंभ राशिफल नवंबर 2026: शनि की चाल से क्या होगा असर और उतरती साढ़ेसाती का हालगमलों के पौधे बार-बार सूखने से बचाने के छह जरूरी बागवानी नियमत्योहारी सीजन में जीप ने पेश किया कंपास स्पोर्ट का नया ऑटोमैटिक वेरिएंट, जानिए खासियत और कीमतअक्टूबर के आखिरी हफ्ते में मनोरंजन का धमाका, ओटीटी पर रिलीज होंगी 15 नई फिल्में और सीरीजअमेरिकी डॉलर के मुकाबले चीनी युआन में बढ़त के संकेत, वैश्विक मुद्राओं और परिसंपत्तियों में हलचल
उत्तर प्रदेश: कांग्रेस को बड़ा नुकसान, 35 वर्षों से जुड़े वरिष्ठ नेता अशोक सिंह ने पार्टी छोड़ीराजनीति
9 जुल॰ 2026, 4:49 pm (109 दिन पहले)· 3

उत्तर प्रदेश: कांग्रेस को बड़ा नुकसान, 35 वर्षों से जुड़े वरिष्ठ नेता अशोक सिंह ने पार्टी छोड़ी

यूपी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को अपने गढ़ इटावा में तगड़ा झटका लगा है। लंबे समय तक पार्टी के साथ रहे अशोक सिंह ने कारण बताओ नोटिस मिलने के बाद इस्तीफा दे दिया है।

लखनऊ: आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में व्यस्त कांग्रेस पार्टी के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। पार्टी को अपने ही एक वरिष्ठ नेता के इस्तीफे से गहरा नुकसान उठाना पड़ा है। एआईसीसी (AICC) के सदस्य अशोक सिंह ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने त्याग पत्र को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पास भेजा है। अशोक सिंह की गिनती उत्तर प्रदेश के उन प्रमुख नेताओं में होती है, जिनका पार्टी से जाना किसी बड़े झटके से कम नहीं है।

35 वर्षों का लंबा राजनीतिक सफर

इस्तीफे में अशोक सिंह ने स्पष्ट किया है कि वे पिछले 35 वर्षों से कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़े थे और पूरे समर्पण के साथ पार्टी के हितों के लिए कार्य कर रहे थे। अपनी राजनीतिक यात्रा के दौरान उन्होंने करीब 20 वर्षों तक एआईसीसी के सदस्य के रूप में अपनी भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त, उन्होंने एक लंबे कार्यकाल तक पार्टी के प्रवक्ता की जिम्मेदारी संभाली और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन मंत्री के पद पर भी कार्यरत रहे। एनएसयूआई (NSUI), युवा कांग्रेस और प्रदेश कांग्रेस में उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहकर संगठन को मजबूती देने का प्रयास किया।

ये भी पढ़ें

अनुशासन समिति का नोटिस और नाराजगी

अशोक सिंह के इस्तीफे के पीछे का मुख्य कारण पार्टी की अनुशासन समिति द्वारा 4 जुलाई 2026 को जारी किया गया कारण बताओ नोटिस है। इस नोटिस में उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। अशोक सिंह ने इस कार्रवाई को अपने वर्षों के समर्पण का अपमान माना है। उनका कहना है कि 35 वर्षों की लंबी निष्ठा के बाद इस तरह के आरोपों और नोटिस से वे काफी आहत हैं, जिसके चलते उन्होंने खुद को पार्टी से अलग करने का कठिन निर्णय लिया है।

बीजेपी के मंच पर देखी गई उपस्थिति

सूत्रों के अनुसार, इटावा क्षेत्र की राजनीति में अपनी पैठ रखने वाले अशोक सिंह को हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक कार्यक्रम में मंच साझा करते हुए देखा गया था। उनकी इस उपस्थिति के बाद ही कांग्रेस के अन्य स्थानीय नेताओं ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा था, जिसने बाद में उनके इस्तीफे की पटकथा लिख दी।

सपा के साथ गठबंधन का असर

इटावा जिला समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके परिवार का पारंपरिक और मजबूत गढ़ माना जाता है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने गठबंधन कर चुनाव लड़ा था, और ऐसी प्रबल संभावना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भी ये दोनों दल एक साथ मैदान में उतरेंगे। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं और नेताओं को यह महसूस होने लगा है कि सपा के साथ गठबंधन की राजनीति में उनकी अपनी पहचान धुंधली हो रही है। उन्हें लगता है कि इन इलाकों में कांग्रेस का अस्तित्व केवल एक सहयोगी दल बनकर रह गया है। माना जा रहा है कि अशोक सिंह की यह नाराजगी इसी राजनीतिक घुटन का परिणाम है, जहां उन्हें भविष्य में अपने लिए कोई विशेष स्थान नजर नहीं आ रहा था।

सवाल-जवाब

अशोक सिंह ने कांग्रेस से इस्तीफा क्यों दिया?
अशोक सिंह पार्टी की अनुशासन समिति द्वारा 4 जुलाई 2026 को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस से आहत थे, जिसमें उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया था।
अशोक सिंह कितने वर्षों से कांग्रेस से जुड़े थे?
अशोक सिंह पिछले 35 वर्षों से कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़े हुए थे और विभिन्न पदों पर कार्य कर रहे थे।
अशोक सिंह को किस घटना के बाद नोटिस मिला था?
अशोक सिंह को तब नोटिस मिला था जब उन्हें इटावा में बीजेपी के मंच पर देखा गया था, जिसकी शिकायत पार्टी के अन्य नेताओं ने की थी।
इटावा में कांग्रेस के सामने क्या समस्या है?
इटावा समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है, और सपा-कांग्रेस गठबंधन के कारण स्थानीय कांग्रेस नेताओं को लगता है कि उनकी भूमिका केवल सहयोगी दल तक ही सीमित रह गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp