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विपक्षी गठबंधन में घमासान, राहुल गांधी को आम आदमी पार्टी और सपा ने घेराराजनीति
7 नव॰ 2026, 12:17 am (2 घंटे पहले)· 1

विपक्षी गठबंधन में घमासान, राहुल गांधी को आम आदमी पार्टी और सपा ने घेरा

विपक्षी खेमे में आपसी खींचतान बढ़ गई है, जहां आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस पार्टी की पुरानी हार के आंकड़े गिनाकर राहुल गांधी पर तीखे हमले किए हैं।

देश की राजनीति में इन दिनों सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रही तनातनी के बीच अब विपक्षी दलों के भीतर ही एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ जहां नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने के लिए विपक्षी गठबंधन अपनी रणनीति तैयार कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के बीच आपसी कलह खुलकर सामने आने लगी है। राहुल गांधी द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों और बहसों के बीच अब उन्हीं के सहयोगी दलों के नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बाजार गर्म हो गया है।

विपक्षी खेमे में आपसी मतभेद और जुबानी जंग

राजनीतिक मंचों पर भले ही विपक्षी दल एक साथ खड़े होने का दावा करते हों, लेकिन जमीन पर नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी जारी है। एक समय जो लड़ाई मुख्य तौर पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच मानी जा रही थी, वह अब विपक्षी दलों के आपसी झगड़े में तब्दील होती दिख रही है। अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव की पार्टियों से जुड़े नेताओं ने जिस तरह से कांग्रेस पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं, उससे साफ हो गया है कि गठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।

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कांग्रेस की हार के आंकड़े लेकर आम आदमी पार्टी का हमला

आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तब और तेज हो गई जब आप नेताओं ने कांग्रेस पार्टी की देश भर में हुई पुरानी हार का कच्चा चिट्ठा खोल दिया। आप सांसद संजय सिंह ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कई राज्यों के आंकड़े सामने रखे और पूछा कि जिन जगहों पर उनकी पार्टी का वजूद तक नहीं था, वहां कांग्रेस दशकों से क्यों हार रही है। उन्होंने उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों का जिक्र करते हुए कांग्रेस के लंबे वनवास का हवाला दिया और अपनी कमियों पर ध्यान देने की सलाह दी।

सपा नेताओं की एंट्री और कांग्रेस का पलटवार

इस आपसी घमासान में समाजवादी पार्टी के नेता भी पीछे नहीं रहे और उन्होंने भी खुलकर अपनी बात रखी। उत्तर प्रदेश में सीटों के बंटवारे और चुनावी समीकरणों को लेकर पहले से ही तनाव देख रहे सपा नेताओं ने इस मौके का फायदा उठाते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। सपा नेता आईपी सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए आम आदमी पार्टी के बयानों का समर्थन करते हुए कांग्रेस पार्टी की नीतियों पर सवाल खड़े किए। दूसरी तरफ कांग्रेस नेताओं ने भी इस हमले का करारा जवाब दिया और सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए विपक्षी सहयोगियों के पुराने राजनीतिक सफर और आंदोलनों के इतिहास पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने आप नेताओं के बयानों पर पलटवार करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।

सवाल-जवाब

विपक्षी दलों के बीच ताजा विवाद का मुख्य कारण क्या है?
आपसी बयानबाजी और कांग्रेस की पुरानी चुनावी हार के आंकड़ों को लेकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं।
किस नेता ने कांग्रेस की हार के आंकड़े सार्वजनिक किए?
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने विभिन्न राज्यों में कांग्रेस की पुरानी हार की सूची गिनाई।
समाजवादी पार्टी ने इस विवाद पर क्या रुख अपनाया?
सपा नेताओं ने आप सांसद के बयानों का समर्थन करते हुए कांग्रेस की नीतियों पर सवाल उठाए।
कांग्रेस नेताओं ने इस तीखे हमले का कैसे जवाब दिया?
कांग्रेस नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से विपक्षी सहयोगियों के पुराने राजनीतिक आंदोलनों और बयानों पर पलटवार किया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Karan Malhotra@karan-malhotra·23 मिनट पहले

गठबंधन वाले आपस में ही भिड़ रहे हैं, पर मुझे लगता है कि चुनाव आते-आते ये सब फिर एक हो जाएंगे। नेता लोग कुर्सी के लिए बहुत कुछ करते हैं, बयानबाजी तो बस दिखावा भी हो सकती है।

Amit Patel@amit-patel·22 मिनट पहले

करण भाई, आपकी बात बिल्कुल सही है। पिछले साल जब मैं विधानसभा चुनाव कवर कर रहा था, तब भी नेताओं की ऐसी ही बयानबाजी देखकर मुझे लगा था कि ये कभी नहीं सुधरेंगे, पर नतीजे आते ही सब गले मिल लिए थे।

Rohan Verma@rohan-verma·42 मिनट पहले

यूपी और दिल्ली में गठबंधन की बात करने वाले खुद ही आपस में लड़ने लगे हैं, फिर चुनाव में क्या हाल होगा भगवान जाने।

Ravikash Gupta@ravikash·41 मिनट पहले

रोहन जी, बात आपकी ठीक है पर चुनावी राजनीति में सीट बंटवारे से पहले ऐसी बयानबाज़ी तो आम बात है, इसे हमेशा हार-जीत से जोड़ना जल्दबाजी होगी।

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