पंजाब के अमृतसर जिले के गांव चीते कलां में सोमवार शाम एक सनसनीखेज वारदात में आम आदमी पार्टी की महिला सरपंच के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान तीरथ सिंह के रूप में हुई है, जो अपने साथी रंजीत सिंह के साथ गांव में माथा टेकने पहुंचे थे। उसी दौरान घात लगाए हमलावरों ने उन पर अचानक अंधाधुंध गोलियां चला दीं। दो गोलियां लगने से तीरथ सिंह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि उनका साथी जांघ में गोली लगने से घायल हो गया।
शाम के वक्त अचानक बरसाई गईं ताबड़तोड़ गोलियां
यह खूनी वारदात सोमवार शाम करीब 7:30 बजे घटित हुई। तीरथ सिंह और रंजीत सिंह दोनों सामान्य दिनों की तरह धार्मिक स्थल पर नतमस्तक होने आए थे। हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और करीब 7 से 8 राउंड फायरिंग कर दी। अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। फायरिंग की आवाज सुनकर जब तक लोग मौके पर दौड़ते, हमलावर वारदात को अंजाम देकर फरार हो चुके थे। जख्मी रंजीत सिंह को तुरंत पास के अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को खतरे से बाहर बताया है।
चार हमलावरों पर नामजद मामला दर्ज
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने प्राथमिक जांच और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर चार मुख्य आरोपियों की पहचान की है। इन आरोपियों में गुरजंट, गोरा, हरकीरत उर्फ हॉकी और गुरदित्त सिंह शामिल हैं। पुलिस प्रशासन ने इन चारों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है। फरार हमलावरों को पकड़ने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें कई संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
आपसी रंजिश का मामला, पुलिस ने गैंगवार से किया इनकार
मृतक तीरथ सिंह का परिवार इलाके में राजनीतिक प्रभाव रखता है। उनकी माता गांव की सरपंच हैं और आम आदमी पार्टी से जुड़ी हैं, जबकि उनका भाई ब्लॉक समिति का सदस्य है। इस पारिवारिक पृष्ठभूमि के चलते इलाके में तनाव का माहौल बन गया। हालांकि, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमृतसर देहाती कवलप्रीत सिंह चहल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि प्राथमिक जांच में यह मामला किसी गैंगवार का नहीं, बल्कि गांव के ही लोगों के साथ पुरानी निजी दुश्मनी का नतीजा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
























