बांसवाड़ा जिले के सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तेजपुर गांव में स्थित जैन मंदिर में बीती रात अज्ञात चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने मंदिर के मुख्य ताले तोड़कर अंदर प्रवेश किया और भगवान पार्श्वनाथ तथा भगवान शांतिनाथ की अष्टधातु से बनी मुख्य मूर्तियों समेत कई बहुमूल्य धार्मिक सामान चुरा लिए। सोमवार की सुबह जब इस घटना की जानकारी सामने आई, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और जैन समाज के लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिला। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल की गहनता से जांच करते हुए साक्ष्य जुटाए।
रात और सूनेपन का उठाया फायदा
मंदिर से जुड़े प्रदीप जैन ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि वह रविवार की रात करीब 10:30 बजे मंदिर से अपने घर लौटे थे, और उस समय तक मंदिर के सभी ताले पूरी तरह सुरक्षित और बंद थे। इसके बाद सोमवार की सुबह जब वह लगभग 6:30 बजे दोबारा मंदिर पहुंचे, तो उन्होंने मुख्य दरवाजे के ताले टूटे हुए पाए। जैसे ही वे मंदिर के अंदर गए, उन्होंने देखा कि सारा सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा है और कई महत्वपूर्ण धार्मिक मूर्तियां तथा अन्य वस्तुएं अपनी जगह से गायब हैं।
अष्टधातु की मूर्तियों के साथ सिंहासन भी ले उड़े चोर
मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों के अनुसार, चोर केवल मुख्य मूर्तियों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि वे कई अन्य कीमती सामान भी अपने साथ ले गए। चोरों ने भगवान पार्श्वनाथ और भगवान शांतिनाथ की दो मुख्य अष्टधातु प्रतिमाओं के साथ-साथ क्षेत्रपाल और पद्मावती माता की करीब दो-दो किलो वजनी अष्टधातु की मूर्तियों को भी चुरा लिया। इसके अलावा, मंदिर में रखा अष्टधातु का सिंहासन, छत्तर और कई अन्य कीमती धार्मिक सामग्रियां भी चोरी हो गई हैं। पुलिस और मंदिर प्रबंधन मिलकर चोरी गए सामान के कुल मूल्य का आकलन करने में लगे हुए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था की कमी और पुलिस जांच
स्थानीय स्तर पर यह बात सामने आई है कि तेजपुर गांव का यह जैन मंदिर मुख्य रिहाइशी आबादी से कुछ दूरी पर एकांत में स्थित है। इसके अलावा, मंदिर परिसर के भीतर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के तहत कोई सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगाए गए थे। माना जा रहा है कि चोरों ने इसी कमजोरी और रात के समय वहां लोगों की कम आवाजाही का पूरा फायदा उठाया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आसपास के रास्तों और संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अज्ञात आरोपियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा, जबकि जैन समाज ने मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने और कैमरे लगवाने की पुरजोर मांग की है।





















