राजस्थान की राजधानी जयपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन और प्रबंधकीय व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स के सीआरई-5 री-एग्जाम के दौरान परीक्षा केंद्र पर अचानक सर्वर फेल हो गया, जिसके चलते परीक्षा अपने निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी। सर्वर ठप होने की वजह से वहां पहुंचे अभ्यर्थियों को भारी मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ा और परीक्षा तय समय से करीब तीस मिनट की देरी से आरंभ हो पाई।
बीस मिनट बाद दोबारा ठप हुआ सिस्टम
आधे घंटे की देरी के बाद जैसे-तैसे परीक्षा का संचालन शुरू कराया गया, लेकिन महज बीस मिनट के भीतर एक बार फिर से तकनीकी परेशानी सामने आ खड़ी हुई। बार-बार आ रही रुकावट और कंप्यूटर सिस्टम के अचानक ठप होने से परीक्षा दे रहे अभ्यर्थियों का धैर्य पूरी तरह जवाब दे गया। परीक्षा केंद्र के भीतर और बाहर भारी अव्यवस्था का माहौल बन गया, जिससे नाराज अभ्यर्थियों और उनके साथ आए अभिभावकों ने सेंटर के बाहर जमकर हंगामा किया और परीक्षा प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
एक दिन पहले नीट-पीजी परीक्षा में भी कटी थी बिजली
हंगामे के दौरान प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने परीक्षा एजेंसी और सेंटर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर बेहद कड़े सवाल उठाए हैं। अभ्यर्थियों का सीधा आरोप है कि इसी परीक्षा केंद्र पर महज एक दिन पहले आयोजित हुई नीट-पीजी परीक्षा के दौरान भी बिजली गुल होने और तकनीकी गड़बड़ी के कारण परीक्षा गंभीर रूप से प्रभावित हुई थी। लगातार दूसरे दिन बिजली और तकनीकी अव्यवस्था सामने आने के कारण परीक्षार्थियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
पहले भी रद्द हो चुकी है यह परीक्षा
गौरतलब है कि एम्स सीआरई-5 के कुछ खास ग्रुप की परीक्षाएं पहले भी भारी अव्यवस्था और तकनीकी कारणों के चलते रद्द की जा चुकी हैं। परीक्षा देने आए युवाओं को यह पूरी उम्मीद थी कि इस बार री-एग्जाम के दौरान प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे, लेकिन दोबारा आयोजित की गई इस परीक्षा में भी वही पुरानी लापरवाही और सर्वर डाउन होने की समस्या दोहराई गई। इस तरह की बार-बार की गड़बड़ियों से दूर-दराज के इलाकों से परीक्षा देने आए परीक्षार्थियों के भविष्य और उनकी वर्षों की कड़ी मेहनत पर पानी फिरता हुआ नजर आ रहा है।



















