राजस्थान के कोटा शहर का लैंडमार्क सिटी इलाका इन दिनों देश भर से आए उन विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा राहत केंद्र बन चुका है जो लगातार पढ़ाई के भारी दबाव और तनाव से जूझते रहते हैं। दिन भर में लगभग 10 से 12 घंटे कोचिंग संस्थानों की कक्षाओं और हॉस्टल के बंद कमरों में किताबों के बीच बिताने के बाद, जैसे ही शाम ढलती है, हजारों छात्र और छात्राएं अपनी थकान को मिटाने के लिए इन सड़कों की तरफ निकल पड़ते हैं।
जैन जूस
लगातार पढ़ाई के कारण सुस्त पड़ चुके दिमाग को तरोताजा करने के लिए जैन जूस को एक बेहतरीन और स्वास्थ्यवर्धक ठिकाना माना जाता है। छात्र यहां विभिन्न प्रकार के मौसमी और मिलाजुल फलों के ताजे जूस का आनंद लेते हुए अपने दोस्तों के साथ पूरे दिन का हालचाल साझा करते हैं। शाम के समय इस दुकान पर युवाओं की लंबी कतारें लगी रहती हैं और मेजों पर होने वाली चर्चाएं पूरे माहौल को बेहद जीवंत और ऊर्जावान बना देती हैं।
रजवाड़ी चाय
कोटा जैसे छात्र-बहुल शहर में चाय केवल एक पेय पदार्थ नहीं बल्कि तनाव को दूर भगाने का एक असरदार जरिया है। शाम ढलते ही रजवाड़ी चाय की दुकान पर विद्यार्थियों का भारी जमावड़ा लग जाता है। पारंपरिक कुल्हड़ में मिलने वाली इस चाय की चुस्की के साथ दोस्त आपस में चुटकुले साझा करते हैं, अपने दूर स्थित घरों की यादों को ताजा करते हैं और अगले दिन की कक्षाओं की योजनाओं पर चर्चा करते हैं।
नेपाली मोमोज
स्ट्रीट फूड के शौकीनों के लिए यह खास जगह लैंडमार्क सिटी का मुख्य केंद्र बिंदु मानी जाती है। अपनी तीखी और चटपटी चटनी के साथ परोसे जाने वाले गर्मागर्म नेपाली मोमोज खाते हुए युवा अपनी व्यस्त और थका देने वाली दिनचर्या की थकान को भूल जाते हैं। शाम को 6 बजे से लेकर रात के 9 बजे तक इस स्टॉल पर काफी भीड़भाड़ रहती है और छात्र चटपटे स्वाद के साथ गपशप का लुत्फ उठाते हैं।
वाय नॉट कैफे
आरामदायक बैठने की व्यवस्था और शानदार माहौल के कारण यह कैफे विशेष तौर पर छात्राओं के समूहों के बीच काफी लोकप्रिय बना हुआ है। हॉस्टल की एक जैसी और बोरिंग दिनचर्या से थोड़ा हटकर कुछ स्वादिष्ट खाने तथा अपने मित्रों के साथ बेहतरीन समय बिताने के लिए यह स्थान सबसे उत्तम माना जाता है।



















