डूंगरपुर जिले में लूट के एक मामले को पुलिस ने सिर्फ दो दिन में सुलझा दिया, लेकिन पकड़े जाने से बचने के लिए बदमाशों ने जो रास्ता चुना, उसने सबको चौंका दिया। पांचों आरोपी महिलाओं के कपड़ों में जंगल-पहाड़ियों में जाकर छिप गए थे।
वारदात कैसे हुई
घटना बीती 30 अगस्त की रात की है, जब गोरादा घाटा के नजदीक करीब 2:30 बजे पांच लुटेरों ने आते-जाते लोगों को रोक लिया, मारपीट की और उनसे करीब 5 हजार रुपये नकद के साथ दो मोबाइल फोन भी छीन लिए।
भेष बदलकर जंगल में ठिकाना
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों को अंदाजा था कि पुलिस उनकी तलाश शुरू कर देगी। इसी वजह से पहचान छुपाने के लिए उन्होंने महिलाओं का रूप धर लिया और लाडसौर इलाके के जंगल-पहाड़ियों में डेरा जमा लिया, ताकि पुलिस की नजर से बचे रहें।
पुलिस की दबिश और गिरफ्तारी
चौरासी थाना पुलिस को जांच के दौरान भनक लगी कि लुटेरे जंगल में छिपे बैठे हैं। इस सूचना पर टीम ने मौके पर दबिश दी और पांचों को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपियों के बताए ठिकाने से वारदात में इस्तेमाल हुई दो पावर बाइकें भी जब्त कर ली गईं।
कौन हैं आरोपी
गिरफ्तार पांचों आरोपी लाडसौर गांव के रहने वाले बताए गए हैं, इनके नाम शैलेश, विजय, राहुल, डूंगर और ताराचंद हैं। पुलिस पूछताछ में इन्होंने लूट की वारदात कबूल कर ली है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इन आरोपियों का हाथ किसी और घटना में भी रहा है, साथ ही लूटा गया सामान बरामद करने की कोशिश जारी है। इस पूरे मामले पर चौरासी थाना अधिकारी रतनलाल जटीया ने जानकारी साझा की।



















