राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित झोटवाड़ा क्षेत्र में खस्ताहाल सड़कों और भीषण जलभराव से तंग आ चुके स्थानीय निवासियों ने प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए एक अनोखा सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। लगातार हो रही असुविधा और बारिश के बाद जगह-जगह बने विशाल गड्ढों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए नागरिक अंतरिक्ष यात्रियों की पोशाक पहनकर पानी से लबालब सड़कों पर उतर आए। निवासियों ने चुटकी लेते हुए कहा कि इलाके की मुख्य सड़कें अब इतनी बदतर हो चुकी हैं कि ये चांद और मंगल ग्रह के गड्ढों को भी मात दे रही हैं।
पानी से भरे गड्ढों में उतरीं 'अंतरिक्ष पोशाकें'
झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के गोकुलपुरा इलाके में स्थित प्रताप सर्किल रोड पर इस अनोखे प्रदर्शन की शुरुआत हुई। वार्ड संख्या 46 और 47 के 100 से अधिक निवासी सुबह 10 बजे सड़क पर एकत्र हुए और दोपहर 12 बजे तक करीब दो घंटे तक लगातार विरोध दर्ज कराया। इस दौरान दो स्थानीय नागरिक बाकायदा एस्ट्रोनॉट की पूरी पोशाक पहनकर सड़क के बीचोंबीच बने पानी से भरे विशाल गड्ढों के अंदर खड़े हो गए। यह नजारा देखने के लिए आसपास के तमाम लोग जमा हो गए।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे स्थानीय निवासी देवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रशासनिक उपेक्षा पर करारा व्यंग्य किया। देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, "जब अंतरिक्ष अनुसंधान पर अरबों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तो वैज्ञानिक झोटवाड़ा ही आ जाएं।" उनका कहना था कि मानसून के पानी से भरे इन गहरे गड्ढों में चलने पर ऐसा महसूस होता है मानो व्यक्ति सीधे चांद या मंगल ग्रह की सतह पर उतर गया हो और यहीं पर प्रशिक्षण ले रहा हो।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के चक्कर काटकर थके निवासी
स्थानीय लोगों के अनुसार यह समस्या हाल की नहीं है, बल्कि पिछले तीन महीनों से वे लगातार इस नारकीय स्थिति से जूझ रहे हैं। निवासियों का आरोप है कि उन्होंने जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) और जयपुर नगर निगम (JMC) के अधिकारियों के दफ्तरों के अनगिनत चक्कर काटे हैं, लेकिन कोई भी उनकी सुध लेने वाला नहीं है। नागरिक सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र का यातायात और जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्होंने क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के साथ-साथ जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह से भी कई बार शिकायत की। इसके अलावा पूर्व पार्षदों और प्रशासनिक अधिकारियों को भी लगातार ज्ञापन सौंपे गए। इसके बावजूद हर बार निवासियों को केवल यही कहकर वापस लौटा दिया जाता है कि मंत्री जी व्यस्त हैं और अभी मिलने का समय नहीं है। बार-बार की अनदेखी से नाराज होकर ही जनता को यह व्यंग्यात्मक मार्ग अपनाना पड़ा।
टेंडर स्वीकृति और मानसून के बाद काम शुरू होने का दावा
सीवरेज की बदहाली और बारिश के बाद जलभराव की इस गंभीर समस्या को लेकर क्षेत्रवासियों में भारी रोष व्याप्त है। प्रताप सर्किल रोड पर रोजाना आवाजाही करने वाले वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। निवासियों का कहना है कि स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए सड़कों पर निकलना अत्यंत खतरनाक साबित हो रहा है।
विरोध प्रदर्शन के बाद सामने आई जानकारी के अनुसार, इस इलाके में जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और सड़कों के नए सिरे से निर्माण के लिए आवश्यक टेंडर स्वीकृत किए जा चुके हैं। संबंधित विभागों का दावा है कि वर्तमान मानसून सत्र समाप्त होते ही निर्माण कार्य तुरंत शुरू कर दिया जाएगा, ताकि स्थानीय निवासियों को स्थायी राहत मिल सके।



















