राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर के रायसिंहनगर इलाके में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते नाकाम कर दिया है. अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने एक परिसर की दीवार लांघकर भीतर दाखिल होने का प्रयास कर रहे एक संदिग्ध युवक को रंगे हाथों दबोच लिया. पकड़े गए व्यक्ति की शिनाख्त सुभाष चंद्र के रूप में हुई है, जो निकटवर्ती श्रीकरणपुर तहसील क्षेत्र के गांव 2FF का मूल निवासी बताया जा रहा है. उच्च सुरक्षा वाले सैन्य परिसर में बिना अनुमति घुसपैठ की इस कोशिश के बाद पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में चौकसी बढ़ा दी गई है.
सैन्य परिसर में घुसपैठ की कोशिश और गिरफ्तारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना BSF की 163वीं बटालियन के कैंप में हुई. कैंप की बाहरी दीवार पर संदिग्ध हलचल देखकर तैनात संतरियों और जवानों ने तुरंत कार्रवाई की. आरोपी सुभाष चंद्र चुपके से दीवार फांदकर सीमा सुरक्षा बल के संवेदनशील परिसर के भीतर कदम रखने की फिराक में था, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे मौके पर ही घेरकर हिरासत में ले लिया. सीमा पार पाकिस्तान से सटे इस अत्यंत संवेदनशील इलाके में सैन्य छावनी के भीतर घुसने की कोशिश को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है.
डिजिटल जांच में सामने आई पाकिस्तानी नंबरों की हिस्ट्री
युवक को हिरासत में लेने के तुरंत बाद प्राथमिक प्रक्रिया के तहत उसकी और उसके सामान की गहन तलाशी ली गई. इस दौरान जब जवानों ने उसके मोबाइल फोन की जांच की, तो उसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. जांचकर्ताओं को मोबाइल के कॉल लॉग और मैसेज रिकॉर्ड्स में पाकिस्तानी मोबाइल नंबरों की स्पष्ट उपस्थिति मिली. फोन से पाकिस्तान के नंबरों पर की गई कॉल्स और भेजे गए संदेशों की हिस्ट्री देखकर सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं. हालांकि, युवक इन विदेशी संपर्कों के जरिए क्या जानकारी साझा कर रहा था और सरहद पार बैठे किन लोगों से उसकी बातचीत चल रही थी, इसका पूरा ब्योरा गहन फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.
रायसिंहनगर थाने में मामला दर्ज, पुलिस शुरू कर रही जांच
घटनाक्रम के तुरंत बाद BSF के अधिकारियों ने स्थानीय सिविल पुलिस को पूरे मामले की आधिकारिक सूचना दी. सीमा सुरक्षा बल की ओर से दी गई लिखित रिपोर्ट के आधार पर रायसिंहनगर पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ कानून की संबंधित धाराओं में आपराधिक मामला पंजीकृत कर लिया गया है. स्थानीय पुलिस अब युवक के पिछले रिकॉर्ड, उसकी हालिया गतिविधियों, गांव में उसके रहन-सहन और दोस्तों के नेटवर्क की पड़ताल कर रही है. पुलिस अधिकारी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आरोपी का मुख्य मकसद कैंप में घुसकर किसी जगह की जासूसी करना था या फिर इसके पीछे कोई अन्य वजह शामिल थी.
संयुक्त पूछताछ केंद्र (JIC) में होगी बहुपक्षीय जांच
मामले के अंतरराष्ट्रीय तार से जुड़े होने के संदेह के चलते अब संदिग्ध को संयुक्त पूछताछ केंद्र (JIC) के समक्ष पेश किए जाने की तैयारी है. JIC में राजस्थान पुलिस के आला अधिकारियों के साथ-साथ केंद्रीय खुफिया एजेंसियां, सेना के गुप्तचर विभाग और BSF के विशेषज्ञ अधिकारी एक साथ मिलकर आरोपी से कड़ा सवाल-जवाब करेंगे. JIC में आरोपी के मोबाइल की फॉरेंसिक रिपोर्ट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स और लोकेशन हिस्ट्री को सामने रखकर यह पता लगाया जाएगा कि क्या वह किसी संगठित सीमापार नेटवर्क या जासूसी गिरोह के लिए काम कर रहा था. फिलहाल तमाम एजेंसियां हर संभावित पहलू को ध्यान में रखकर गहराई से छानबीन में जुटी हुई हैं.



















