राजस्थान के जयपुर स्थित एयरपोर्ट कॉलोनी से सामने आई एक घटना ने पूरे समाज को हिलाकर रख दिया है। 24 वर्षीय आयुषी शर्मा नाम की एक बेटी पर अपनी ही सगी मां की हत्या की योजना बनाने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले की पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, रिश्तों को शर्मसार कर देने वाले सच सामने आए। एक ऐसी मां जिसे अपने बच्चों के भविष्य की चिंता थी, उसे उसी की बेटी ने रास्ते से हटाने का मन बना लिया था।
पिता की मृत्यु के बाद बदले हालात
इस दुखद प्रकरण की शुरुआत एक सामान्य परिवार से हुई थी। विजय शर्मा, जो लोअर कोर्ट में एलडीसी के पद पर कार्यरत थे, ने अपनी मेहनत से परिवार के लिए सब कुछ खड़ा किया था। जयपुर के एयरपोर्ट कॉलोनी में उनका घर था, उनके पास करोड़ों रुपये की जमीन थी और एक पैतृक मकान भी था। परिवार में उनकी पत्नी नीरज शर्मा, बेटी आयुषी और एक मानसिक रूप से दिव्यांग बेटा था। एक साल पहले विजय शर्मा का निधन हो गया, जिसके बाद घर की सुख-शांति पर ग्रहण लग गया।
अनुकंपा नौकरी और संपत्ति का लालच
विजय शर्मा की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति का मुद्दा उठा। आयुषी चाहती थी कि यह सरकारी नौकरी उसे मिले। हालांकि, परिवार के अन्य सदस्यों ने सलाह दी कि नीरज शर्मा को यह नौकरी लेनी चाहिए ताकि वह अपने दिव्यांग बेटे की देखभाल ठीक से कर सकें। नीरज शर्मा ने सरकारी नौकरी का जिम्मा संभाल लिया। पुलिस का मानना है कि यहीं से आयुषी के मन में अपनी मां के प्रति बदले की भावना और लालच पैदा हो गया। उसे लगा कि नौकरी और करोड़ों की संपत्ति हासिल करने में मां सबसे बड़ी बाधा है।
मौत के लिए अपनाए गए अजीबोगरीब टोटके
पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि आयुषी ने मां को घर से बाहर निकालने के लिए बेहद चौंकाने वाले तरीके अपनाए। यह सिलसिला केवल सीधी हिंसा तक सीमित नहीं था, बल्कि उसने अंधविश्वास का भी भरपूर उपयोग किया। नीरज शर्मा को डराने के लिए घर के बाहर नींबू-मिर्च, सिंदूर और जलते हुए नारियल फेंके जाते थे। आयुषी की मंशा थी कि नीरज शर्मा घबराकर घर से बाहर निकलें, ताकि उन्हें आसानी से निशाना बनाया जा सके।
पहले भी हुई थी हत्या की कोशिश
यह कोई पहली बार नहीं था जब नीरज शर्मा को मारने की कोशिश की गई थी। इससे पहले भी आयुषी और उसके साथियों ने नीरज शर्मा को थार गाड़ी से कुचलने का प्रयास किया था, जिसमें वह बाल-बाल बच गई थीं। उस हमले के बाद नीरज शर्मा ने सुरक्षा के लिहाज से अपने घर के चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए थे और काफी सतर्क रहने लगी थीं।
सड़क हादसे के नाम पर खौफनाक अंत
जुलाई के महीने की शुरुआत में आयुषी और उसके कथित साथियों ने अपनी साजिश को अंजाम तक पहुंचाया। जब नीरज शर्मा अपने दिव्यांग बेटे के साथ घर लौट रही थीं, तब पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने एक तेज रफ्तार एसयूवी से उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। शुरुआत में मामला एक साधारण सड़क दुर्घटना जैसा लगा, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों ने इस झूठ से पर्दा उठा दिया। जांच के दौरान पुलिस को मिले सबूतों ने पुष्टि कर दी कि यह एक सुनियोजित हत्या थी, जिसका उद्देश्य केवल सरकारी नौकरी और करोड़ों की संपत्ति पर कब्जा करना था। फिलहाल पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और कानूनी कार्रवाई जारी है। यह घटना पारिवारिक मूल्यों के पतन और अनियंत्रित लालच का एक डरावना उदाहरण बनकर उभरी है।











