जयपुर ग्रामीण के मनोहरपुर थाना इलाके में जमीन पर जबरन कब्जा जमाने की नीयत से काश्तकारों में दहशत फैलाने और फायरिंग करने के सनसनीखेज मामले को पुलिस ने महज चौबीस घंटे के भीतर सुलझा लिया है। इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने कुख्यात भाई राज गैंग से ताल्लुक रखने वाले दो सक्रिय गुर्गों को धर दबोचा है। पकड़े गए बदमाशों की पहचान चक मनोहरपुर निवासी ललित कुमार वर्मा उर्फ राणा और महेंद्र कुमार यादव उर्फ काना के तौर पर हुई है। पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त एक अवैध पिस्टल, जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है।
देर रात खेत पर पहुंचे थे तीन हथियारबंद बदमाश
इस पूरे मामले की शुरुआत तीन अक्टूबर की दरम्यानी रात को हुई थी। नवलपुरा स्थित विवादित भूमि पर खेती और देखभाल का जिम्मा संभालने वाले अभिषेक बोहरा ने मनोहरपुर थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, रात करीब पौने दो बजे एक ही बाइक पर सवार होकर तीन अज्ञात बदमाश अचानक जमीन पर पहुंचे। वहां पहुंचते ही बदमाशों ने गाली गलौज शुरू कर दी और रखवाली कर रहे लोगों पर पथराव किया। इलाके में दहशत का माहौल पैदा करने के लिए बदमाशों ने ताबड़तोड़ दो राउंड गोलियां दागीं और काश्तकारों को जान से मारने की खुली धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
तकनीकी साक्ष्यों और पुराने रिकॉर्ड से दबोचे गए आरोपी
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने फौरन एक विशेष जांच दल का गठन किया। टीम ने घटनास्थल के आसपास के तकनीकी व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को खंगाला और इलाके में पूर्व में रंगदारी, हत्या के प्रयास और फायरिंग की वारदातों में चालानशुदा अपराधियों का कच्चा चिट्ठा तैयार किया। गहन पड़ताल में भाई राज गैंग के बदमाशों की संलिप्तता के ठोस सुराग मिले। इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर चक मनोहरपुर के रहने वाले ललित कुमार वर्मा उर्फ राणा और महेंद्र कुमार यादव उर्फ काना को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, पकड़े गए इन दोनों बदमाशों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और इनके खिलाफ पहले भी जानलेवा हमले और वसूली जैसे संगीन मुकदमे दर्ज हैं।
कमरे पर अवैध कब्जे और सुपारी देकर धमकी का पर्दाफाश
गिरफ्तारी के बाद हुई प्रारंभिक पूछताछ में इस खूनी साजिश की परतें खुली हैं। पड़ताल में सामने आया है कि संबंधित विवादित जमीन पर बने एक कमरे पर विक्रम योगी द्वारा कथित रूप से कब्जा जमाया गया था। काश्तकारों को डरा धमकाकर वहां से भगाने और दहशत फैलाने के लिए इन बदमाशों को बाकायदा सुपारी दी गई थी। एएसपी लाखन सिंह ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब वारदात में शामिल तीसरे फरार आरोपी, मुख्य साजिशकर्ता यानी सुपारी देने वाले व्यक्ति और इन बदमाशों को अवैध हथियार मुहैया कराने वाले नेटवर्क की सरगर्मी से तलाश कर रही है।




















