गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र स्थित दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर चलती बस को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने वाले दो हमलावरों को पुलिस और स्वाट टीम ने मुठभेड़ के दौरान धर दबोचा है। 2 अक्टूबर के तड़के हुई इस मुठभेड़ में खुद को घिरता देखकर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी थी, जिसके जवाब में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी करके दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और घायल बदमाश को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पकड़े गए आरोपियों के पास से वारदात में प्रयुक्त सफेद रंग की स्कूटी, दो अवैध हथियार, कारतूस और खोखे बरामद किए गए हैं।
चलती बस पर फायरिंग और दो लोगों को लगी थी गोली
यह सनसनीखेज वारदात दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर मेरठ की तरफ जाने वाली लेन में हाईटेक कॉलेज के सामने घटित हुई थी। बस चालक सरफूद्दीन (निवासी अलापुर, बदायूं) के अनुसार, बस दिल्ली के उस्मानपुर इलाके से सवारियां लेकर बदायूं की ओर जा रही थी। रास्ते में लालकुआं के आगे से ही सफेद रंग की स्कूटी पर सवार दो युवक बस का लगातार पीछा कर रहे थे। आरोपियों ने कई बार बस को ओवरटेक कर हमला करने की कोशिश की। जैसे ही बस रात करीब 11:40 बजे हाईटेक कॉलेज के सामने पहुंची, स्कूटी सवार हमलावरों ने कंडक्टर साइड से बस पर कई राउंड गोलियां चला दीं। अचानक हुई इस गोलीबारी से बस के अंदर चीख-पुकार मच गई।
हमलावरों द्वारा चलाई गई गोलियों की चपेट में आकर बस में मौजूद दो लोग गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए। इनमें बस का हेल्पर तालिब हुसैन (25) शामिल था, जिसके कंधे के पास गोली लगी। वहीं बस मालिक के दोस्त कमरुद्दीन (42) की गर्दन में गोली लगी। वारदात की सूचना मिलते ही मसूरी थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया।
भूड़गढ़ी बंबा पटरी पर हुई मुठभेड़ और गिरफ्तारी
एक्सप्रेसवे पर हुई इस दुस्साहसिक घटना के बाद आरोपियों की तलाश में ग्रामीण जोन की स्वाट टीम और मसूरी थाना पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। 2 अक्टूबर की सुबह तड़के पुलिस टीम भूड़गढ़ी बंबा पटरी पर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। उसी दौरान सफेद स्कूटी पर सवार दो संदिग्ध युवक वहां से गुजरते दिखे। पुलिस कर्मियों ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो दोनों भागने का प्रयास करने लगे। पुलिस टीम ने तेजी से उनका पीछा किया और उन्हें चारों तरफ से घेर लिया।
खुद को पुलिस के शिकंजे में फंसता देख स्कूटी सवार बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर जानलेवा नीयत से गोलियां चलानी शुरू कर दीं। पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली बदमाश के पैर में जा लगी और वह जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने मौके से दोनों बदमाशों को काबू कर लिया। घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
दिल्ली के रहने वाले हैं दोनों आरोपी, हथियारों का जखीरा बरामद
पुलिस हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों से जब गहन पूछताछ की गई, तो उनकी पहचान दिल्ली के निवासियों के रूप में हुई। घायल आरोपी की पहचान 26 वर्षीय अनस पुत्र चांद के तौर पर हुई है, जो तीसरा पुस्ता, जगजीत नगर, गली नंबर-7, थाना न्यू उस्मान नगर, दिल्ली का रहने वाला है। वहीं उसके दूसरे साथी की पहचान 23 वर्षीय नदीम पुत्र अनीश के रूप में हुई, जो न्यू मुस्तफाबाद, नेहरू विहार, थाना दयालपुर, दिल्ली का निवासी है।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो अवैध हथियार, जिंदा कारतूस, खाली खोखे और वारदात के वक्त इस्तेमाल की गई सफेद स्कूटी जब्त कर ली है। पुलिस रिकॉर्ड में इन बरामद हथियारों को केस प्रॉपर्टी के तौर पर शामिल किया गया है।
लेनदेन का पुराना विवाद बना खूनी हमले की वजह
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह जानलेवा हमला किसी लूटपाट की नीयत से नहीं, बल्कि रुपयों के लेन-देन से जुड़े आपसी विवाद के चलते किया गया था। जांच के अनुसार, बस मालिक और आरोपियों के पक्ष के बीच पैसों को लेकर खींचतान चल रही थी। घटना से करीब चार-पांच दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच दिल्ली में पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था। उस समय मामला पुलिस थाने तक पहुंच गया था, जहां दोनों पक्षों के बीच आपसी बातचीत के बाद समझौता करा दिया गया था।
हालांकि समझौते के बावजूद रंजिश खत्म नहीं हुई और इसी खुन्नस में आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से बस की रेकी की और दिल्ली से पीछा करते हुए एक्सप्रेसवे पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दहशत फैलाने का प्रयास किया। पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी कर रही है।





















