जयपुर के कोचिंग हब माने जाने वाले गोपालपुरा इलाके में स्थित कलाम कोचिंग सेंटर के बाहर उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए। दौसा के रहने वाले एक छात्र के साथ संस्थान के एक शिक्षक द्वारा मारपीट किए जाने की घटना के बाद यह सारा विवाद शुरू हुआ। शिक्षक द्वारा छात्र को थप्पड़ मारने की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही सैकड़ों की संख्या में छात्र एकजुट हो गए और उन्होंने संस्थान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
पेपर के सवालों को लेकर हुआ था विवाद
इस पूरे विवाद की जड़ प्रश्न पत्र से जुड़ी बताई जा रही है। परीक्षा के दौरान पेपर में सवाल नहीं मिलने को लेकर छात्र और संबंधित शिक्षक के बीच कहासुनी शुरू हुई थी। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि शिक्षक ने आपा खो दिया और छात्र पर हाथ छोड़ दिया। छात्र को थप्पड़ मारे जाने का दृश्य जैसे ही अन्य विद्यार्थियों तक पहुंचा, छात्रों का आक्रोश भड़क उठा। बड़ी तादाद में छात्र कोचिंग परिसर के मुख्य द्वार पर जमा हो गए और प्रबंधन के साथ-साथ शिक्षक के आचरण पर गंभीर सवाल उठाने लगे।
पुलिस का दखल और छात्र की कानूनी शिकायत
सड़क पर छात्रों के जमावड़े और हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को बिगड़ने से संभाला और विरोध दर्ज करा रहे छात्रों को समझा-बुझाकर सड़क से हटाया। दूसरी तरफ, पीड़ित छात्र ने चुप बैठने के बजाय कानूनी रास्ता अपनाया। वह अपने परिजनों के साथ स्थानीय थाने पहुंचा और शिक्षक की इस हरकत के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई।
आरोपी शिक्षक पर गाज, सुरक्षा पर खड़े हुए सवाल
छात्रों के उग्र तेवरों और वीडियो के व्यापक प्रसार के बाद कलाम कोचिंग प्रबंधन ने कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को संस्थान से निष्कासित कर दिया। हालांकि, संस्थान से हटाए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारी छात्र केवल इसी कदम से संतुष्ट नहीं दिखे। वे शिक्षक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग पर डटे रहे। इस पूरे प्रकरण ने निजी कोचिंग संस्थानों के भीतर विद्यार्थियों की सुरक्षा और प्रबंधन की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





















